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आंध्र तट से टकराकर कमजोर पड़ा खतरनाक चक्रवात ‘अर्णब’: 125 किमी की रफ्तार से मची तबाही, 9 लोगों की मौत और कई राज्यों में हाई अलर्ट

बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती तूफानों का कहर अक्सर तटीय इलाकों की रफ्तार रोक देता है, और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। हाल ही में बंगाल की खाड़ी से उपजा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णब' (Cyclone Arnab) आंध्र प्रदेश के समुद्र तट से पूरी ताकत के साथ टकराया। इस चक्रवात की विभीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब यह तट को पार कर रहा था, तब हवाओं की रफ्तार 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच दर्ज की गई। हालांकि तट से टकराने के बाद यह तूफान धीरे-धीरे थोड़ा कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन अपने पीछे भारी तबाही के निशान छोड़ गया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि देश के कई अन्य राज्यों में भी इसका भारी असर देखने को मिल रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि चक्रवात 'अर्णब' ने किस तरह तबाही मचाई है और सरकार व मौसम विभाग की तरफ से क्या ताजा अपडेट सामने आए हैं।

छह घंटे तक चला भीषण लैंडफॉल, आंध्र प्रदेश और यानम में दिखा रौद्र रूप

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, चक्रवात 'अर्णब' ने बुधवार तड़के दो बजे से लेकर सुबह आठ बजे के बीच यानी लगातार छह घंटे तक चले 'लैंडफॉल' (Landfall) की प्रक्रिया के दौरान आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम के बीच के तटीय क्षेत्रों को अपनी चपेट में लिया।

जैसे ही यह चक्रवात तट के करीब पहुंचा, आसमान काले बादलों से घिर गया और मूसलाधार बारिश के साथ हवाएं आंधी का रूप ले चुकी थीं। एलुरु, पश्चिम गोदावरी, विजयनगरम और कोनसीमा समेत आंध्र प्रदेश के 10 से अधिक तटीय जिलों के सैकड़ों गांव इस भयंकर चक्रवात की चपेट में आ गए। कई इलाकों में तो 200 मिलीमीटर से भी अधिक की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए और रिहायशी कॉलोनियां पानी में डूब गईं।

9 लोगों की दर्दनाक मौत, हजारों पेड़ और बिजली के खंभे हुए धराशायी

इस भयंकर चक्रवात की वजह से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। शुरुआती प्रशासनिक रिपोर्टों के मुताबिक, बिजली का करंट लगने और मकानों व दीवारों के गिरने जैसी विभिन्न दुर्घटनाओं में कुल 9 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की गंभीरता को बयां करते हुए बताया कि चक्रवात के कारण राज्य में हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है।

तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते राज्य भर में लगभग 15,000 बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई जिलों की बिजली गुल हो गई। इसके अलावा सड़कों पर हजारों की संख्या में पेड़ उखड़ने से आवागमन बाधित हो गया। अकेले डॉक्टर बीआर आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में ही लगभग 50,000 से अधिक पेड़ और नारियल के बाग उखड़ गए। इनमें से अकेले कोनसीमा जिले में ही 33,000 से ज्यादा नारियल के पेड़ धराशायी हो गए। सोशल मीडिया पर एक जलमग्न केले के खेत से जुड़े वीडियो ने लोगों का दिल दहला दिया, जिसमें एक किसान पानी के बीच अपनी फसल को बचाने की जद्दोजहद करता नजर आया। इसके साथ ही, खराब मौसम और ऊंची उठती लहरों के कारण एक मालवाहक जहाज भी बंगाल की खाड़ी में अंतर्वेदी तट के पास फंस गया, जिसे सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मांगी केंद्र से मदद, किसानों की फसलों को भारी नुकसान

चक्रवात 'अर्णब' के कारण कृषि क्षेत्र को सबसे बड़ा झटका लगा है। प्रारंभिक आकलनों के अनुसार, राज्य के 14 जिलों में 2.24 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी धान की फसल और अन्य बागवानी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान अपनी सालभर की मेहनत को बर्बाद होता देख सदमे में हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने इस प्राकृतिक आपदा के बाद तुरंत उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर चक्रवात की तीव्रता और राज्य में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी है तथा केंद्र सरकार से आर्थिक व राहत सहायता की मांग की है। सरकार की ओर से चक्रवात प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल खाद्य सामग्री और वित्तीय सहायता देने की घोषणा भी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं और कोनसीमा व पश्चिम गोदावरी के कुछ दूरदराज के इलाकों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

13 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी, कई अन्य राज्यों में भी दिखेगा असर

खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के अवशेषों के कारण गुरुवार को भी कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों के लिए मध्यम से उच्च स्तर की आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood) की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

आंध्र प्रदेश के अलावा इस चक्रवात का प्रभाव भारत के कई अन्य राज्यों के मौसम पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक:

  • ओडिशा और छत्तीसगढ़ में चक्रवात के असर से तेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा हो रही है।

  • तेलंगाना और विदर्भ क्षेत्र में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है।

  • बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों (विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश) में भी अगले दो-तीन दिनों तक लगातार भारी बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है।

आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदियों तथा निचले इलाकों से दूर रहें। सरकार और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते हर संभव मदद पहुंचाई जा सके।