
भारतीय शेयर बाजार, कॉर्पोरेट जगत और वित्तीय परिणामों के गलियारों से इस वक्त निवेशकों और कारोबार जगत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ताजा खबर सामने आ रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के अपने कारोबारी आंकड़े और वित्तीय नतीजे देश की तीन प्रमुख कंपनियों—एनबीसीसी (NBCC), वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स (VST Tillers Tractors) और टेगा इंडस्ट्रीज (Tega Industries)—ने आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। इस बार के तिमाही नतीजों में इन तीनों कंपनियों के प्रदर्शन में बिल्कुल अलग-अलग और दिलचस्प रुझान देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनबीसीसी ने अपने मुनाफे और रेवेन्यू में मजबूत छलांग लगाकर निवेशकों का दिल जीत लिया है, वहीं कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनी वीएसटी टिलर्स के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, टेगा इंडस्ट्रीज ने अपनी आय और ईबीआईटीडीए में भारी बढ़ोतरी दर्ज करने के बावजूद अप्रत्याशित रूप से घाटे का सामना किया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन तीनों दिग्गज कंपनियों के लिए यह दूसरी तिमाही वित्तीय लिहाज से कैसी रही है और इनके आंकड़े क्या कहानी बयां करते हैं।
NBCC का शानदार प्रदर्शन: कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 34% की जोरदार बढ़त और मार्जिन में सुधार
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख निर्माण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रियल एस्टेट विकास कंपनी एनबीसीसी (NBCC) ने एक बार फिर अपने वित्तीय परिणामों से यह साबित कर दिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उसकी पकड़ कितनी मजबूत होती जा रही है। कंपनी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में एनबीसीसी की कुल कमाई (Revenue) में सालाना आधार पर 16.5 फीसदी की ठोस बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर 3,396 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,914 करोड़ रुपये रहा था।
केवल रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि कंपनी के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) के मोर्चे पर भी बहुत ही शानदार आंकड़े सामने आए हैं। समीक्षाधीन तिमाही में एनबीसीसी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 33.8 फीसदी की जोरदार छलांग लगाते हुए 206 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने 154 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इसके अलावा, कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन में अभूतपूर्व सुधार देखा गया है। एनबीसीसी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) दोगुने से भी अधिक होकर 225.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 104.5 करोड़ रुपये था। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी के ईबीआईटीडीए मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया और यह पिछले साल के 3.6 फीसदी से बढ़कर इस बार 6.6 फीसदी पर पहुंच गया है, जो कंपनी के मजबूत कामकाज और बढ़ती दक्षता का स्पष्ट प्रमाण है।
VST Tillers Tractors के नतीजे मिले-जुले: मामूली रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में आई 10% की गिरावट
ट्रैक्टर और कृषि उपकरण (Agricultural Machinery) के निर्माण से जुड़ी जानी-मानी कंपनी वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स (VST Tillers Tractors) के लिए यह दूसरी तिमाही मिली-जुली और थोड़ी चुनौती भरी रही है। कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 2.2 फीसदी की हल्की बढ़त दर्ज की गई है, और यह बढ़कर 322 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 315 करोड़ रुपये था।
हालांकि, आय में मामूली बढ़ोतरी होने के बावजूद कंपनी की बॉटम-लाइन यानी मुनाफे पर दबाव साफ तौर पर दिखाई दिया। वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.4 फीसदी घटकर 22.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 25 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इसके साथ ही, कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है और इसका ईबीआईटीडीए 13.4 फीसदी गिरकर 35.5 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले साल 41 करोड़ रुपये था। कंपनी के ईबीआईटीडीए मार्जिन में भी गिरावट दर्ज की गई और यह पिछले साल के 13 फीसदी से घटकर 11 फीसदी पर आ गया है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कृषि उपकरण बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लागत के दबाव के कारण कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा है।
Tega Industries की चौंकाने वाली तिमाही: रेवेन्यू 10 गुना से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कंपनी को हुआ घाटा
मिनरल प्रोसेसिंग और ग्राइंडिंग मीडिया सेगमेंट की दिग्गज कंपनी टेगा इंडस्ट्रीज (Tega Industries) के दूसरी तिमाही के नतीजे सबसे अधिक चौंकाने वाले रहे हैं। कंपनी ने इस तिमाही में अपनी बिक्री और रेवेन्यू के मोर्चे पर ऐतिहासिक छलांग लगाई है। कंपनी का कुल रेवेन्यू शानदार तरीके से बढ़कर 4,254 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह केवल 405 करोड़ रुपये था—यानी सालाना आधार पर रेवेन्यू में 10 गुना से भी अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके अलावा, कंपनी का ईबीआईटीडीए भी बढ़कर 489 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 69 करोड़ रुपये था। हालांकि, इतनी जबरदस्त और विशाल रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी को इस तिमाही में शुद्ध मोर्चे पर भारी झटका लगा है और कंपनी को 47.4 करोड़ रुपये का नेट लॉस (Net Loss) उठाना पड़ा है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 45 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। इसके साथ ही, कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन भी पिछले साल के 17 फीसदी से घटकर 11.5 फीसदी पर आ गया है। इस प्रकार, टेगा इंडस्ट्रीज के लिए यह तिमाही आय और कारोबार के विस्तार के लिहाज से तो बेहद शानदार रही, लेकिन मुनाफे और बॉटम-लाइन के दृष्टिकोण से बेहद कमजोर साबित हुई।
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