
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान, मानसिक तनाव और नींद पूरी न होने के कारण आज के समय में अधिकांश लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। अक्सर लोग सुबह उठने के बाद से ही शरीर में भारी थकान, सुस्ती, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। यदि आराम करने और पूरी नींद लेने के बाद भी यह थकान आपका पीछा नहीं छोड़ती है और इसके साथ ही आपका वजन भी तेजी से कम होने लगा है, तो इसे केवल सामान्य कमजोरी या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मेडिकल साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस तरह के लक्षण हमारे शरीर में एड्रेनल ग्रंथियों (Adrenal Glands) द्वारा स्रावित होने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण हार्मोन 'कोर्टिसोल' (Cortisol) की कमी की ओर इशारा करते हैं। कोर्टिसोल को हमारे शरीर का 'स्ट्रेस हार्मोन' भी कहा जाता है, जो शारीरिक तनाव से निपटने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, चयापचय (Metabolism) को संचालित करने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। जब इस हार्मोन का स्तर सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है, तो शरीर का पूरा आंतरिक संतुलन बिगड़ने लगता है।
वजन का तेजी से गिरना, लगातार चक्कर आना और लो ब्लड प्रेशर: कोर्टिसोल की कमी के प्रमुख गंभीर लक्षण
शरीर में कोर्टिसोल की कमी (जिसे चिकित्सकीय भाषा में एड्रेनल इन्सफिशिएंसी या एडिशन रोग से जुड़ा विकार भी माना जाता है) होने पर कई तरह के शारीरिक बदलाव और गंभीर लक्षण प्रकट होने लगते हैं। सबसे पहला और मुख्य लक्षण यह है कि पीड़ित व्यक्ति को पूरे दिन अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे उसके लिए रोजमर्रा के सामान्य कामकाज करना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, बिना किसी डाइटिंग या जिम जाए अचानक से तेजी से वजन कम होना (Unexplained Weight Loss), भूख न लगना, मांसपेशियों में लगातार दर्द रहना और पाचन तंत्र का कमजोर होना इसके आम संकेत हैं। कोर्टिसोल हमारे रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित रखने का काम करता है, इसलिए इसकी कमी होने पर मरीज का ब्लड प्रेशर अक्सर बहुत कम रहता है, जिसके कारण उसे अचानक उठने पर चक्कर आना, सिर घूमना या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। कई मामलों में त्वचा का रंग सांवला या फीका पड़ने लगना (Skin Hyperpigmentation), मूड स्विंग्स होना, अत्यधिक चिंता या डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं भी इस हार्मोनल असंतुलन का परिणाम हो सकती हैं।
समय पर कराएं मेडिकल जांच और हार्मोनल टेस्ट, जीवनशैली में सुधार और सही खानपान से दूर करें यह समस्या
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य भी लंबे समय से ऐसी ही unexplained थकान, कमजोरी और वजन घटने की समस्या से परेशान है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी अच्छे एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) या जनरल फिजिशियन से परामर्श लें। डॉक्टर इस स्थिति की सही पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट के जरिए सीरम कोर्टिसोल लेवल और एसीटीएच (ACTH) स्टिमुलेशन टेस्ट की सलाह देते हैं। समय पर सही डायग्नोसिस होने से इस स्थिति का इलाज आसानी से संभव है। इस हार्मोनल असंतुलन को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के लिए अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद लें, तनाव को कम करने के लिए योग और प्राणायाम का अभ्यास करें, और अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त भोजन को शामिल करें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार का सप्लीमेंट लेने से बचें, क्योंकि हार्मोन से जुड़ी समस्याओं का पेशेवर चिकित्सा निगरानी में इलाज होना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है।
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