
विशेष पंचांग एवं धर्म-अध्यात्म रिपोर्टर: हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिषशास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार और मांगलिक कार्यों के आयोजन से पहले दैनिक पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, करण, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्तों का विचार करना अत्यंत आवश्यक होता है। आज मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को पवित्र सावन (श्रावण) मास के शुक्ल पक्ष की तिथि है। सावन का मंगलवार होने के कारण आज मां मंगला गौरी (माता पार्वती) का अति पावन मंगला गौरी व्रत रखा जा रहा है। इसके साथ ही पिछले पांच दिनों से चले आ रहे नक्षत्रों के विशेष प्रभाव यानी 'पंचक' भी आज समाप्त हो रहे हैं। आज सावन के मंगलवार पर सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का अति दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने वाले साधकों को अक्षय पुण्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।
4 अगस्त 2026 का पंचांग: सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, तिथि और पंचक समाप्ति का समय
आज 4 अगस्त 2026 के वैदिक पंचांग के अनुसार, विक्रम संवत 2083 (नल) और शक संवत 1948 (क्रोधन) चल रहा है। आज सूर्योदय प्रातः 05:44 बजे होगा और सूर्यास्त सायं 07:10 बजे होगा। चंद्रोदय प्रातः 10:15 बजे और चंद्रास्त रात्रि 10:42 बजे होगा। सावन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 12:45 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत सप्तमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। आज स्वाति नक्षत्र रात्रि 09:12 बजे तक रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र आरंभ होगा। आज सिद्धि योग और साध्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त, कौलव करण दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद तैतिल करण की शुरुआत होगी। पंचक जो पिछले दिनों से चले आ रहे थे, वे आज प्रातःकाल ही विधिपूर्वक समाप्त हो रहे हैं, जिसके बाद से सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्य पुनः बिना किसी बाधा के प्रारंभ किए जा सकते हैं।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, आज का सबसे शुभ मुहूर्त यानी 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत या पूजा-पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज का विजय मुहूर्त दोपहर 02:40 बजे से सायं 03:33 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त सायं 06:58 बजे से सायं 07:21 बजे तक रहेगा। वहीं, अगर अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 03:48 बजे से सायं 05:29 बजे तक रहेगा। राहुकाल की अवधि में कोई भी नया या शुभ काम करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही यमगंड काल सुबह 09:05 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। आज के दिन उत्तर-पूर्व दिशा में यात्रा का ध्यान रखें और पूर्व दिशा में 'दिशाशूल' रहता है, इसलिए पूर्व दिशा की ओर अनावश्यक यात्रा करने से बचें; यदि यात्रा अनिवार्य हो तो गुड़ या खांड खाकर और हनुमान जी का ध्यान करके ही घर से निकलें। मंगला गौरी व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं को आज मां पार्वती को 16 श्रृंगार अर्पित कर "ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः" मंत्र का जाप करना चाहिए।
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