Thursday , April 2 2026

AAP Rajya Sabha Leader : राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, अशोक मित्तल को मिली नई जिम्मेदारी

News India Live, Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने नेतृत्व ढांचे में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। पार्टी ने वरिष्ठ सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब सांसद अशोक कुमार मित्तल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को सामने आए इस फैसले को पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।राघव चड्ढा के लिए बड़ा झटकाराघव चड्ढा लंबे समय से राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की सबसे प्रखर आवाज रहे हैं। सदन में जनहित के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने के लिए वे जाने जाते रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनकी ‘खामोशी’ को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे:दूरी की चर्चा: पार्टी के शीर्ष नेताओं (अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया) को हालिया कानूनी मामलों में मिली राहत के बाद राघव चड्ढा की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया न आना चर्चा का विषय बना हुआ था।अनुशासन का मुद्दा: सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इस बात से भी नाराज था कि कुछ मुद्दों पर चड्ढा पार्टी लाइन से हटकर राय रखते थे और बिना पूर्व सूचना के सदन में वक्तव्य देते थे।भूमिका में कटौती: इस पद से हटाए जाने के बाद अब संकेत मिल रहे हैं कि सदन में उनके बोलने के समय और उनकी सक्रिय भूमिका में भी कटौती की जा सकती है।कौन हैं अशोक कुमार मित्तल?राघव चड्ढा की जगह लेने वाले अशोक कुमार मित्तल को 2022 में पंजाब से राज्यसभा भेजा गया था।पृष्ठभूमि: वे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी एक जानी-मानी शख्सियत हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर हैं।संसदीय कार्य: संसद में उन्होंने अब तक शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास जैसे गंभीर मुद्दों पर संतुलित और तार्किक बहस की है।पार्टी की रणनीति: पार्टी को उम्मीद है कि मित्तल की अनुभवशाली और संयमित कार्यशैली से राज्यसभा में AAP की रणनीति और अधिक मजबूत होगी।पार्टी ने दी औपचारिक सूचनाआम आदमी पार्टी ने इस फेरबदल के संबंध में राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेज दिया है। पत्र में कहा गया है कि अब से सदन में पार्टी की ओर से बोलने और नेतृत्व करने के लिए नए उपनेता अशोक मित्तल को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से इस बदलाव के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे पार्टी के भीतर ‘अनुशासन और नई रणनीति’ के तौर पर देखा जा रहा है।