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Bihar Politics : सरकार अनंत सिंह के स्वागत में पटना से मोकामा तक जश्न, 3 लाख रसगुल्ले और भव्य रोड शो की तैयारी

News India Live, Digital Desk: करीब चार महीने के लंबे इंतजार के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह आज, 23 मार्च 2026 को दोपहर बाद पटना की आदर्श बेऊर जेल से रिहा हो सकते हैं। पटना हाई कोर्ट ने बीते गुरुवार (19 मार्च) को दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें सशर्त जमानत दे दी थी। जेल से रिहाई की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है। रिहाई से लेकर अगले दो दिनों का पूरा शेड्यूल ‘छोटे सरकार’ के करीबियों ने तय कर लिया है, जिसमें भव्य दावत से लेकर रोड शो तक शामिल है।रिहाई और स्वागत का पूरा शेड्यूल (Full Program):आज (23 मार्च): दोपहर 2 बजे के बाद अनंत सिंह बेऊर जेल से बाहर आएंगे। यहाँ से वे सीधे पटना स्थित अपने सरकारी आवास ‘1, माल रोड’ पहुंचेंगे। उनके स्वागत के लिए समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया है।कल (24 मार्च): मंगलवार की सुबह 8 बजे अनंत सिंह पटना से अपने क्षेत्र मोकामा के लिए प्रस्थान करेंगे। रास्ते में बख्तियारपुर और बाढ़ होते हुए वे बड़हिया स्थित महारानी स्थान (देवी स्थान) जाएंगे, जहाँ वे जीत और रिहाई की खुशी में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।रोड शो और दावत: पटना से मोकामा के बीच जगह-जगह स्वागत द्वार (तोरण द्वार) बनाए गए हैं। समर्थकों के मुताबिक, उनके स्वागत में 3 लाख रसगुल्ले और भव्य भोज का आयोजन किया गया है।हाई कोर्ट की सख्त शर्तें: जरा सी चूक और रद्द होगी बेलजस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने अनंत सिंह को जमानत देते समय कुछ कड़े निर्देश भी दिए हैं:गवाहों को सुरक्षा: यदि अनंत सिंह या उनके समर्थक दुलारचंद यादव के परिजनों या गवाहों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी।सुनवाई में उपस्थिति: उन्हें कोर्ट की हर तारीख पर उपस्थित रहना होगा और जांच में पूरा सहयोग करना होगा।जेल से जीत और राजनीति से ‘संन्यास’ का ऐलानदिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह ने नवंबर 2025 में जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा चुनाव जीता था। रिहाई से ठीक पहले, 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने आए अनंत सिंह ने एक बड़ा राजनीतिक धमाका भी किया था। उन्होंने ऐलान किया कि अब वे अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे और अपनी राजनीतिक विरासत अपने दोनों बेटों (अभिषेक और अंकित सिंह) को सौंपेंगे। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि नीतीश कुमार अब सीधे चुनाव नहीं लड़ेंगे (वे राज्यसभा जा रहे हैं), इसलिए वे भी चुनावी राजनीति से दूरी बना रहे हैं।