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Bihar Weather: बिहार में कुदरत का कहर बेमौसम बारिश और तूफान ने छीना किसानों का निवाला, 4 की मौत गेहूं-मक्का की फसलें बर्बाद

News India Live, Digital Desk: बिहार में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करोड़ों रुपये की खड़ी फसलें मिट्टी में मिल गई हैं। सीमांचल से लेकर दक्षिण बिहार तक, कुदरत की इस मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, मक्का और आम की फसलों को पहुंचा है, जो कटाई के बेहद करीब थीं।तबाही का मंजर: कहीं पेड़ गिरे, कहीं ट्रांसफार्मर हुए जमींदोजतेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई जिलों में सैकड़ों साल पुराने पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।बिजली संकट: आंधी के चलते बिजली के खंभे और तार टूट गए। गया और पूर्णिया में कई जगहों पर भारी-भरकम ट्रांसफार्मर स्टैंड से नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए हैं।जान-माल का नुकसान: वज्रपात (बिजली गिरने) और दीवार गिरने की घटनाओं में राज्य के अलग-अलग जिलों में 4 लोगों की असामयिक मौत हो गई है। प्रशासन मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की प्रक्रिया में जुटा है।किसानों पर ‘दोहरी मार’: कटाई से पहले बिछ गई फसलेंकृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश रबी फसलों के लिए ‘जहर’ साबित हुई है।गेहूं और मक्का: मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और भागलपुर में गेहूं की तैयार फसलें तेज हवा के कारण खेतों में बिछ गई हैं। दियारा और सीमांचल (पूर्णिया, कटिहार) के इलाकों में मक्के की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। पानी लगने से दानों के काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है।आम और लीची: उत्तर बिहार में आम के मंजर और छोटे टिकोले आंधी के कारण भारी मात्रा में झड़ गए हैं। भागलपुर के प्रसिद्ध ‘जर्दालू आम’ के उत्पादन पर भी इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है।केले की खेती: वैशाली और आसपास के जिलों में केले के बागान तहस-नहस हो गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।सरकार का एक्शन: तत्काल सर्वे के निर्देशमुख्यमंत्री ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल फसल क्षति का सर्वे (Panchnama) शुरू करने का निर्देश दिया है।मुआवजा: कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ब्लॉक स्तर पर जाकर नुकसान का आकलन करें ताकि प्रभावित किसानों को बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके।राहत कार्य: बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर खंभों और ट्रांसफार्मरों को ठीक करने में जुटी हैं ताकि आपूर्ति बहाल की जा सके।सावधान! अभी टला नहीं है खतरामौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से गरज के साथ छींटे पड़ने और तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और खलिहानों में जल निकासी का प्रबंध करें।