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Bollywood 90s : वह सेट पर चीजें फेंकने लगता था अक्षय खन्ना के बर्ताव से सदमे में थीं फराह खान, 90s के उस कड़वे सच से उठाया पर्दा

News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और डायरेक्टर फराह खान अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान फराह ने 90 के दशक के अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें अभिनेता अक्षय खन्ना के व्यवहार के कारण ‘ट्रॉमा’ (मानसिक आघात) से गुजरना पड़ा था। फराह के अनुसार, उस दौर में अक्षय का गुस्सा और अनपेक्षित बर्ताव सेट पर सबके लिए सिरदर्द बन गया था।सेट पर क्या होता था? (The Traumatic Experience)फराह खान ने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि अक्षय खन्ना उस समय फिल्म इंडस्ट्री के उभरते हुए सितारे थे, लेकिन उनका स्वभाव बहुत ही जटिल था।गुस्सैल स्वभाव: फराह ने खुलासा किया कि अक्षय छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाते थे और सेट पर चीजें फेंकने लगते थे।कोरियोग्राफर की चुनौती: फराह को उन्हें डांस स्टेप्स सिखाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, “मैं उस समय नई थी और उनका यह व्यवहार मुझे डरा देता था।”काम पर असर: फराह के अनुसार, अक्षय के इस ‘मूडी’ बर्ताव की वजह से शूटिंग घंटों लेट हो जाती थी, जिसका असर पूरी यूनिट पर पड़ता था।[Image: Farah Khan and Akshaye Khanna side-by-side representing the 90s era and present day]अक्षय खन्ना: टैलेंटेड लेकिन ‘मस्किल’ कलाकार?अक्षय खन्ना को हमेशा से एक बेहतरीन अभिनेता माना गया है, लेकिन उनके साथ काम करने वाले कई लोग उनके ‘इंट्रोवर्ट’ और ‘मूडी’ स्वभाव का जिक्र कर चुके हैं।परफेक्शन का दबाव: कुछ जानकारों का मानना है कि अक्षय खुद को लेकर बहुत ज्यादा सजग (Self-conscious) रहते थे, जो कभी-कभी गुस्से के रूप में बाहर आता था।फराह का बदला नजरिया: हालांकि फराह ने उन दिनों को ‘ट्रॉमा’ बताया, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय के साथ अक्षय के व्यवहार में बदलाव आया और उन्होंने अपनी कला पर ध्यान केंद्रित किया।इंडस्ट्री का दबाव: 90 के दशक में स्टारडम का दबाव आज की तुलना में अलग था, और फराह का यह बयान उस दौर के वर्क-कल्चर की एक धुंधली तस्वीर पेश करता है।फैंस की प्रतिक्रियाफराह खान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ फैंस फराह की ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि इतने सालों बाद ऐसी पुरानी बातें निकालना जरूरी नहीं था।