Friday , September 11 2026

Bollywood Films : शाह बानो केस पर फिल्म ,इमरान हाशमी बोले- हमारा मकसद किसी समुदाय पर उंगली उठाना नहीं

News India Live, Digital Desk : आजकल बॉलीवुड में सच्ची और संवेदनशील घटनाओं पर फिल्में बनाने का चलन जोर पकड़ चुका है. इसी कड़ी में, अभिनेता इमरान हाशमी जल्द ही एक ऐसी फिल्म में नज़र आने वाले हैं जो भारत के सबसे चर्चित और संवेदनशील कानूनी मामलों में से एक – शाह बानो केस – पर आधारित है. फिल्म का नाम ‘हक़’ बताया जा रहा है.यह मामला मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और पर्सनल लॉ से जुड़ा होने के कारण बेहद नाजुक रहा है. ऐसे में, फिल्म की घोषणा के साथ ही इस पर विवाद होने और इसे एक समुदाय के खिलाफ बताए जाने की आशंकाएं भी खड़ी हो गई हैं. अब, इन आलोचनाओं और सवालों पर खुद फिल्म के हीरो, इमरान हाशमी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और फिल्म बनाने के पीछे के मकसद को साफ किया है.”यह फिल्म किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं है”एक इंटरव्यू के दौरान इमरान हाशमी ने यह साफ कर दिया कि उनकी फिल्म का इरादा किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या उन पर उंगली उठाना नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी फिल्म किसी एक समुदाय पर उंगली नहीं उठा रही है. यह धर्म के बारे में है ही नहीं.”तो फिर क्या है फिल्म की कहानी?इमरान ने बताया कि यह फिल्म धर्म के चश्मे से नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार (Women’s Rights) और लैंगिक समानता (Gender Equality) के नजरिए से बनाई गई है. उन्होंने खुलासा किया कि फिल्म की कहानी शाह बानो के पति के दृष्टिकोण से कही गई है.इमरान ने कहा, “यह एक कानूनी लड़ाई और पति-पत्नी के रिश्ते की कहानी है. हमने इसे एक मानवीय कहानी के तौर पर पेश किया है. इसका मकसद विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि एक सकारात्मक संवाद (dialogue) शुरू करना है.”‘द केरल स्टोरी’ या ‘आर्टिकल 370’ से कैसे है अलग?जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फिल्म भी ‘द केरल स्टोरी’ या ‘आर्टिकल 370’ जैसी फिल्मों की श्रेणी में आएगी, तो इमरान ने कहा कि हर फिल्म को एक ही तराजू में नहीं तौलना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘हक़’ का मकसद किसी को विलेन बनाना नहीं है, बल्कि एक जटिल कानूनी और मानवीय मुद्दे को दर्शकों के सामने रखना है.उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और बोर्ड ने भी यह माना है कि फिल्म किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है. इमरान का मानना है कि आज की ऑडियंस बहुत समझदार है और वह फिल्म को उसके सही इरादे के साथ देखेगी. अब देखना यह होगा कि जब यह फिल्म पर्दे पर आएगी, तो दर्शक इसे किस रूप में स्वीकार करते हैं.