Wednesday , October 28 2026

धर्म

कैसी होनी चाहिए आदर्श पत्नी? आचार्य चाणक्य के इन विचारों से बदल जाएगी वैवाहिक जीवन की दिशा

भारतीय इतिहास के सबसे महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और प्रख्यात दूरदर्शी आचार्य चाणक्य को उनकी अचूक नीतियों के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपनी बुद्धि और रणनीतिक कौशल के बल पर एक साधारण से बालक चंद्रगुप्त मौर्य को अखंड भारत का सम्राट बना दिया था। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ …

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जुलाई 2026 का पहला ‘रवि प्रदोष व्रत’ आज, जानें शिव पूजन का सबसे सटीक मुहूर्त और धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माने जाने वाले पावन प्रदोष व्रत का हिंदू श्रद्धालुओं के बीच एक विशिष्ट स्थान है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाने वाला यह उपवास महादेव और माता पार्वती की असीम अनुकंपा प्राप्त …

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Guru Purnima 2026: इस साल कब है ज्ञान का महापर्व? जानें शुभ तारीख, महत्व और महर्षि वेदव्यास के पूजन का रहस्य

भारतीय सनातन संस्कृति, दर्शन और अध्यात्म में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी उच्च स्थान दिया गया है। अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' इस साल भी देश-विदेश में बेहद श्रद्धा और …

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Chanakya Niti: भाग्यशाली पुरुषों को मिलती हैं इन खास गुणों वाली पत्नियां, घर में ही मिल जाता है स्वर्ग का सुख

भारतीय इतिहास के महान अर्थशास्त्री, नीतिशास्त्र और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध रचना 'चाणक्य नीति' में मानव जीवन, समाज, और वैवाहिक रिश्तों को लेकर कई गूढ़ बातें बताई हैं। चाणक्य नीति के अनुसार, एक सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन के पीछे जीवनसंगिनी के गुणों का बहुत बड़ा हाथ होता …

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क्या है 108 का महा-रहस्य? जानिए आखिर जाप माला में 108 दाने ही क्यों होते हैं, शास्त्रों में छिपी है ये बड़ी वजह

सनातन धर्म और हिंदू पूजा पद्धति में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व माना गया है। चाहे भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र हो या फिर महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र, किसी भी देवी-देवता की आराधना के लिए जब भक्त माला हाथ में लेते हैं, तो उसमें दानों की संख्या हमेशा 108 …

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क्या है 108 का महा-रहस्य? जानिए आखिर जाप माला में 108 दाने ही क्यों होते हैं, शास्त्रों में छिपी है ये बड़ी वजह

सनातन धर्म और हिंदू पूजा पद्धति में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व माना गया है। चाहे भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र हो या फिर महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र, किसी भी देवी-देवता की आराधना के लिए जब भक्त माला हाथ में लेते हैं, तो उसमें दानों की संख्या हमेशा 108 …

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