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Cyber Fraud Alert : Google से नंबर निकालना पड़ सकता है भारी, पटना और शेखपुरा में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

News India Live, Digital Desk : अगर आप भी बैंक, बिजली विभाग या किसी कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर सर्च करते हैं, तो रुक जाइए! बिहार पुलिस ने पटना और शेखपुरा में छापेमारी कर दो ऐसे फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है, जो गूगल पर अपना जाल बिछाकर लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहे थे। ये अपराधी गूगल मैप्स और सर्च इंजन पर विभिन्न सेवाओं के फर्जी नंबर डाल देते थे और जैसे ही कोई उन पर कॉल करता, ठगी का खेल शुरू हो जाता था।कैसे काम करता था यह ‘गूगल वाला’ गैंग?पुलिस जांच में सामने आया है कि इन साइबर ठगों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी:फर्जी लिस्टिंग: ये अपराधी गूगल पर बैंक हेल्पलाइन, कूरियर सर्विस और बिजली बिल सुधार के नाम पर अपने मोबाइल नंबर रजिस्टर कर देते थे।इनबाउंड कॉल: जब कोई परेशान ग्राहक मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल करता, तो ठग खुद को अधिकारी बताकर बात करते।रिमोट एक्सेस ऐप: सहायता के नाम पर वे ग्राहकों से AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाते।खाता साफ: जैसे ही यूजर ऐप इंस्टॉल करता, ठगों को उनके फोन का पूरा एक्सेस मिल जाता और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते।पुलिस की कार्रवाई: भारी मात्रा में सामान बरामदपटना और शेखपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान इनके पास से:दर्जनों मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड।कई लैपटॉप और ग्राहकों के डेटा वाली डायरियां।भारी मात्रा में नकदी और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।शेखपुरा बना नया ‘जामताड़ा’?पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेखपुरा का इलाका अब साइबर अपराध के नए गढ़ के रूप में उभर रहा है। यहाँ के गांवों में बैठकर युवा लड़के देशभर के लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस अब इन गिरोहों के मास्टरमाइंड और उनके बैंक संपर्कों (Bank Links) को खंगाल रही है।खुद को कैसे बचाएं? (Cyber Safety Tips)आधिकारिक वेबसाइट: कभी भी बैंक या कस्टमर केयर का नंबर सीधे गूगल सर्च से न लें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (जैसे bank.com) पर जाकर ही नंबर निकालें।ऐप डाउनलोड न करें: किसी के कहने पर अनजान ऐप (खासकर रिमोट एक्सेस ऐप) डाउनलोड न करें।OTP साझा न करें: बैंक कभी भी फोन पर आपसे OTP या पिन नहीं मांगता है।