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DGFT Corrigendum: 10 लाख MT रॉ शुगर इंपोर्ट नियमों में संशोधन, जानिए 31 अक्टूबर की जगह अब क्या है नई डेडलाइन और शर्तें

आगामी त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित 10 लाख मीट्रिक टन (MT) रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक संशोधन व शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी किया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डीजीएफटी ने टैरिफ रेट कोटा (TRQ) योजना के अंतर्गत कच्ची चीनी के आयात और उससे तैयार रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की पूर्व निर्धारित समय-सीमा (31 अक्टूबर) व परिचालन शर्तों में आवश्यक स्पष्टीकरण और राहत प्रदान की है।

रॉ शुगर आयात नीति और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का आधार

डीजीएफटी द्वारा आईटीसी (एचएस) 2022 के अध्याय 17 के तहत एक्सिम कोड 170114 के लिए जारी अधिसूचना के तहत रॉ शुगर का आयात 'मुक्त' (Free) रखा गया है, लेकिन इसे 10 लाख मीट्रिक टन के टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत शून्य सीमा शुल्क (Duty-Free) पर अनुमति दी गई है।

सामान्य परिस्थितियों में चीनी के आयात पर 100% का भारी सीमा शुल्क लागू होता है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने भी सीमा शुल्क छूट की विधिवत अधिसूचना जारी कर इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाया है।

डेडलाइन में संशोधन और शुद्धिपत्र (Corrigendum) के प्रमुख बिंदु

अंतरराष्ट्रीय बाजारों (विशेषकर ब्राजील व थाईलैंड) से कच्चे माल के शिपमेंट, समुद्री मार्ग से भारत पहुंचने के पारगमन समय (Transit Time) और बंदरगाहों से रिफाइनरियों तक ढुलाई व प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को देखते हुए उद्योग जगत और चीनी मिलों ने समय-सीमा की अव्यवहारिकता पर चिंता जताई थी।

डीजीएफटी द्वारा जारी शुद्धिपत्र और स्पष्टीकरण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • आयात और रिफाइनिंग की नई विंडो: 10 लाख मीट्रिक टन के आवंटित कोटे के तहत आयातित रॉ शुगर को भारतीय बंदरगाहों पर लाने, रिफाइन करने और बाजार में पहुंचाने की अंतिम तिथि में संशोधन कर आयातकों को पर्याप्त समय दिया गया है।

  • आवेदन प्रक्रिया की समय-सीमा: आयात कोटा के आवंटन के लिए डीजीएफटी के इम्पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

  • प्राथमिकता का मानदंड: उन आयातकों और मिलों को आवंटन में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है जो शुरुआती समय-सीमा के भीतर शिपमेंट पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्ज कर रहे हैं।

एडवांस ऑथराइजेशन से TRQ में वन-टाइम कन्वर्जन की सुविधा

डीजीएफटी के नियमों के तहत उन मिलों और रिफाइनरियों को बड़ी राहत दी गई है जिनके पास पहले से 'एडवांस ऑथराइजेशन' (SION E-52) के तहत कच्ची चीनी का स्टॉक उपलब्ध था:

  • एकमुश्त बदलाव (One-Time Conversion): एडवांस ऑथराइजेशन धारक अपने आयातित कच्चे माल को टीआरक्यू (TRQ) योजना में परिवर्तित कर सकते हैं।

  • जीएसटी समायोजन: इसके तहत आयात के समय ली गई जीएसटी छूट का आवश्यक भुगतान करना होगा।

  • घरेलू बाजार में आपूर्ति: इससे तैयार होने वाली रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में बेचकर तत्काल त्योहारी मांग को पूरा किया जा सकेगा।

केवल वास्तविक रिफाइनिंग क्षमता वाली मिलों को ही अनुमति

डीजीएफटी ने स्पष्ट किया है कि यह आयात कोटा किसी ट्रेडर या बिचौलिए को नहीं दिया जाएगा। केवल वही चीनी मिलें और रिफाइनरियां पात्र होंगी जिनके पास रॉ शुगर को सफेद/रिफाइंड चीनी में बदलने की अपनी चालू और वैध परिचालन सुविधाएं हैं। इसके लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी 'कंसेंट टू ऑपरेट' (CTO) प्रमाण पत्र और क्षमता का स्व-घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य है।

सरकार के इस कदम से आगामी त्योहारी महीनों में देश भर में चीनी की आपूर्ति सुगम बनेगी और खुदरा बाजार में कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी।