
News India Live, Digital Desk: धनतेरस का नाम सुनते ही मन में सोने-चाँदी के सिक्के, नए बर्तन और खरीदारी की तस्वीर उभर आती है. हम सब इस दिन माँ लक्ष्मी और कुबेर देवता को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह की चीजें घर लाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की एक ऐसी भी परंपरा है, जिसका संबंध धन-दौलत से नहीं, बल्कि पूरे परिवार की ती और लंबी उम्र से है?यह परंपरा है ‘यम का दीया’ जलाने की. जी हाँ, धनतेरस की रात मृत्यु के देवता यमराज के नाम का एक दीपक जलाया जाता है. यह शायद इकलौता ऐसा त्योहार है, जब मृत्यु के देवता की पूजा करके उनसे आशीर्वाद माँगा जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर आने वाला अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है और साल भर सब सुरक्षित रहते हैं.क्या है इसके पीछे की कहानी?पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार यमदूत एक राजा के प्राण हरने आए. राजा की नई-नवेली पत्नी ने यमदूतों से विनती की कि वे उसके पति को न ले जाएं. तब यमदूतों ने कहा कि यदि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की रात जो भी प्राणी यमराज के नाम से दीपदान करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं सताएगा. तभी से यह परंपरा शुरू हो गई.कैसे, कहाँ और कब जलाएं ‘यम का दीया’?यह दीया जलाने का एक खास तरीका और नियम है. इसमें की गई एक छोटी सी गलती भी पूजा को अधूरा कर सकती है.कौन सा दीया? इसके लिए हमेशा एक पुराने मिट्टी के दीये का ही इस्तेमाल करें. अगर पुराना दीया न हो, तो आप आटे का चौमुखी (चार बत्तियों वाला) दीपक भी बना सकते हैं.कौन सा तेल? इस दीये में हमेशा सरसों के तेल का ही प्रयोग किया जाता है.सही समय: यह दीया दिन में या सुबह नहीं जलाया जाता. इसे हमेशा रात में, जब घर के सभी सदस्य घर आ जाएं, तब सूर्यास्त के बाद जलाना चाहिए.कहाँ जलाएं? इस दीये को घर के अंदर कभी नहीं जलाया जाता. इसे घर के मुख्य दरवाजे के बाहर, दाहिनी ओर रखना चाहिए. दीये का मुख हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि यही यमराज की दिशा मानी जाती है.जलाने की विधि: दीया जलाने से पहले जमीन पर थोड़े से चावल या गेंहू रखें और उसके ऊपर दीया रखें. अब परिवार का सबसे बड़ा सदस्य यह दीया जलाए और यमराज से प्रार्थना करे कि वह घर के सभी सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा करें.एक ज़रूरी नियम: दीया रखने के बाद घर के किसी भी सदस्य को मुड़कर उसे दोबारा नहीं देखना चाहिए. चुपचाप दीया रखकर घर के अंदर आ जाएं.तो इस धनतेरस, कीमती सामानों की खरीदारी के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ‘यम का दीया’ जलाना बिल्कुल न भूलें. यह एक छोटा सा रिवाज आपके घर की खुशियों को बुरी नज़र से बचा सकता है.
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