
तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान डीएमके विधायक ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) पार्टी के भीतर खुद की और अपने बेटे की हो रही अनदेखी के चलते बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि पन्नीरसेल्वम जल्द ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का साथ छोड़कर अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी 'तमिझागा वेत्री कड़गम' (TVK) में शामिल हो सकते हैं। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर साबित होगा।
DMK में छह महीने बाद भी कोई बड़ी जिम्मेदारी न मिलने से मायूसी
ओ. पन्नीरसेल्वम ने भले ही हाल ही में पार्टी छोड़ने की खबरों का औपचारिक तौर पर खंडन किया हो, लेकिन अंदरखाने की खबरें कुछ और ही बयां कर रही हैं। डीएमके में शामिल हुए छह महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके बेटे ओपी रवींद्रनाथ को पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की महत्वपूर्ण भूमिका या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। हालिया विधानसभा चुनाव में थेनी सीट से शानदार जीत हासिल करने के बावजूद, थेनी लोकसभा क्षेत्र में उनकी लगातार उपेक्षा हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस इलाके में डीएमके सांसद थंगा तमिल सेल्वन का दबदबा पूरी तरह कायम है और स्थानीय राजनीतिक मामलों में उन्हीं की चलती है, जिसके कारण पन्नीरसेल्वम को साइडलाइन किया जा रहा है।
थलपति विजय की TVK बन सकती है नया राजनीतिक ठिकाना
क्षेत्रीय राजनीति में अपनी लगातार हो रही उपेक्षा और पार्टी में किसी बड़े पद की उम्मीद न मिलने से आहत होकर ओ. पन्नीरसेल्वम अपने बेटे के साथ अब डीएमके को अलविदा कहने पर गंभीर विचार कर रहे हैं। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख थलपति विजय के संपर्क में हैं। तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में हाल ही में आए बड़े बदलावों और तीसरे स्थान के समीकरणों के बाद से थलपति विजय की पार्टी युवाओं और असंतुष्ट दिग्गज नेताओं के लिए एक नया और मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है, जिससे ओपीएस खेमा भी काफी प्रभावित नजर आ रहा है।
AIADMK में भी जारी है टूट, कई पूर्व मंत्रियों ने थामा TVK का दामन
तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (AIADMK) से नेताओं के टूटने और दूसरी पार्टियों में जाने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। पिछले महीने ही अन्नाद्रमुक के कई दिग्गज और लोकप्रिय नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़कर थलपति विजय की सत्ताधारी पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) का दामन थाम लिया था। टीवीके में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में पूर्व मंत्री उडुमलाई के. राधाकृष्णन, एम.सी. संपत, कड़म्बूर सी. राजू और एन.आर. शिवपति जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने पूर्वी तट मार्ग (ईसीआर) स्थित पनायुर उपनगर में टीवीके मुख्यालय पहुंचकर पार्टी के महासचिव आनंद और चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधाव अर्जुना से मुलाकात की थी और औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की थी, जिससे साफ होता है कि राज्य में टीवीके का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
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