
News India Live, Digital Desk : अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानों की गर्मी अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन कभी-कभी ये बयान डराने वाले होते हैं। एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। हाल ही में ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कुछ ऐसा प्रसारित किया है, जिसे सीधे तौर पर एक ‘खौफनाक धमकी’ माना जा रहा है।”निशाना इस बार सटीक होगा”खबरों के मुताबिक, ईरान के स्टेट टीवी पर एक फुटेज दिखाया गया, जिसके साथ एक बहुत ही गंभीर संदेश दिया गया। उसमें कहा गया “इस बार निशाना नहीं चूकेगा (Target won’t be missed)।”सुनने में ही यह लाइन किसी फिल्मी डायलॉग जैसी लगती है, लेकिन जब यह दो दुश्मन देशों के बीच बोली जाए, तो इसका मतलब गहरा होता है। बताया जा रहा है कि यह धमकी ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के बदले से जोड़कर देखी जा रही है। आपको याद होगा कि अमेरिका ने एक ड्रोन स्ट्राइक में सुलेमानी को मार गिराया था, जिसका बदला लेने की कसम ईरान कई बार खा चुका है।पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल क्यों?हैरानी की बात यह है कि इस धमकी के साथ जो विजुअल्स दिखाए गए, उनमें एक पुरानी तस्वीर या वीडियो का हिस्सा शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें एक गोल्फ कोर्स जैसा नज़ारा था (कहा जाता है कि ट्रंप गोल्फ के बहुत शौकीन हैं)। यह वही तस्वीर/वीडियो है जो पहले भी वायरल हुई थी, जिसमें एक ड्रोन को ट्रंप जैसे दिखने वाले व्यक्ति को टारगेट करते हुए दिखाया गया था।ईरान का इसे दोबारा दिखाना यह जताता है कि वह यह बात भूला नहीं है और अमेरिकी नेताओं, खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप, को यह याद दिलाना चाहता है कि खतरा अभी टला नहीं है।क्या हैं इसके मायने?अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई ईरान किसी हमले की फिराक में है या यह सिर्फ एक ‘प्रोपेगेंडा वॉर’ (psychological warfare) का हिस्सा है? अक्सर देश अपने दुश्मन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए ऐसी वीडियो क्लिप्स का इस्तेमाल करते हैं।डोनाल्ड ट्रंप, जो अमेरिका की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहते हैं, उनके लिए ऐसी धमकियां नई नहीं हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हमेशा अलर्ट मोड पर रहती हैं। लेकिन ईरान का सरकारी चैनल पर यह सब दिखाना, और वो भी इतने कड़े शब्दों में, यह जरूर चिंता का विषय है।दुनिया वैसे ही इस वक्त कई मोर्चों पर तनाव झेल रही है, ऐसे में यह नई धमकी आग में घी डालने का काम कर सकती है। अब देखना होगा कि अमेरिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या यह सिर्फ जुबानी जंग रहेगी, या मामला कुछ और गंभीर है?
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