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EPFO Rules 2026: नौकरी छोड़ दी है तो क्या रुक जाएगा पीएफ पर ब्याज? जानें ईपीएफओ के ये 3 नए और जरूरी नियम

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ी खबर है। अक्सर देखा गया है कि नौकरी बदलने या किसी कारणवश काम छोड़ने के बाद कर्मचारी अपने पीएफ (PF) बैलेंस को लेकर चिंतित रहते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या योगदान बंद होने के बाद भी जमा पैसे पर ब्याज मिलता रहेगा? साल 2026 में ईपीएफओ के नियमों ने इस स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। अगर आप भी पीएफ निकासी या ट्रांसफर की योजना बना रहे हैं, तो इन ताजा अपडेट्स को ध्यान से पढ़ें।नौकरी छोड़ने के बाद भी नहीं रुकेगा ब्याज का मीटरईपीएफओ के ताजा नियमों के अनुसार, यदि आपने नौकरी छोड़ दी है और आपके खाते में कोई नया अंशदान (Contribution) नहीं आ रहा है, तब भी आपकी जमा राशि पर ब्याज मिलना बंद नहीं होगा। सरकार द्वारा हर साल घोषित की जाने वाली ब्याज दर (जैसे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 8.25%) के आधार पर आपका पैसा बढ़ता रहेगा। यह सुविधा कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए है ताकि बेरोजगारी के दौर में भी उनकी बचत कम न हो।इनऑपरेटिव (Inoperative) खाता: 58 साल का है असली पेंचभले ही ब्याज मिलता रहे, लेकिन आपको ‘इनऑपरेटिव’ खाते के नियम को समझना होगा। पहले नियम था कि 36 महीने तक लेन-देन न होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता था। लेकिन अब व्यवस्था यह है कि 58 वर्ष की आयु तक खाते में ब्याज मिलता रहता है। एक बार जब सदस्य रिटायरमेंट की आधिकारिक उम्र यानी 58 साल पूरी कर लेता है और उसके बाद भी पैसा नहीं निकालता, तब उसका खाता ‘इनऑपरेटिव’ माना जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाले ब्याज पर लगेगा टैक्स!यहीं पर एक ‘कैच’ है जिसे अधिकांश कर्मचारी नजरअंदाज कर देते हैं। नौकरी के दौरान पीएफ पर मिलने वाला ब्याज एक सीमा तक टैक्स-फ्री होता है। लेकिन, नौकरी छोड़ने की तारीख के बाद जो ब्याज आपके खाते में क्रेडिट होता है, वह आयकर के दायरे में आता है। इसे ‘Income from Other Sources’ माना जाता है और आपको अपने टैक्स स्लैब के अनुसार इस पर कर देना होगा। इसलिए, लंबे समय तक बिना नौकरी के पीएफ खाते में पैसा छोड़ना टैक्स के लिहाज से नुकसानदेह हो सकता है।विशेषज्ञों की सलाह: ट्रांसफर है सबसे समझदारी भरा कदमऑटो सेक्टर और वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, तो पुराने पीएफ बैलेंस को EPFO Unified Portal के जरिए नई कंपनी में ट्रांसफर करना ही सबसे बेहतर है। इससे न केवल आपकी सर्विस की निरंतरता बनी रहती है (जो पेंशन के लिए जरूरी है), बल्कि आप अनावश्यक टैक्स देनदारी से भी बच जाते हैं। वहीं, अगर आप पीएफ निकालना चाहते हैं, तो 2 महीने की बेरोजगारी के बाद ही पूरी निकासी का दावा कर सकते हैं।