
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का लीग स्टेज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और आज ग्रुप स्टेज के आखिरी बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। फुटबॉल के इस महाकुंभ में पहली बार 48 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से शानदार प्रदर्शन करने वाली 32 टीमें अगले दौर यानी 'राउंड ऑफ 32' (Round of 32) में अपनी जगह पक्की करने में कामयाब रही हैं। वहीं दूसरी ओर, टूर्नामेंट से बाहर होने वाली 16 अभागी टीमों में से एक देश के लिए यह वर्ल्ड कप किसी डरावने सपने जैसा साबित हुआ है। यह बदकिस्मत टीम इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक भी गोल दागने में कामयाब नहीं हो सकी और बिना खाता खोले ही वतन वापस लौट गई।
ग्रुप-L की मजबूत टीमों के चक्रव्यूह में फंसा पनामा, तीनों मैचों में मिली करारी शिकस्त
हम बात कर रहे हैं पनामा (Panama) फुटबॉल टीम की, जिसे इस मेगा टूर्नामेंट के लिए ग्रुप-L (Group-L) में जगह मिली थी। इस ग्रुप में पनामा का सामना घाना, क्रोएशिया और इंग्लैंड जैसी दुनिया की सबसे घातक और मजबूत टीमों से था। ग्रुप स्टेज के अपने तीनों ही मुकाबलों में पनामा को करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अगर खेल के नजरिए से देखें तो टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में पनामा के डिफेंडर्स ने काफी जुझारू खेल दिखाया था। घाना और क्रोएशिया जैसी आक्रामक टीमों के खिलाफ पनामा ने विपक्षी फॉरवर्ड्स को काफी देर तक गोल करने से रोके रखा, लेकिन इस दौरान उनकी खुद की फॉरवर्ड लाइन मौके बनाने और गोल दागने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।
घाना और क्रोएशिया ने 1-0 से तोड़ा पनामा का हौसला, डिफेंस रहा बेअसर
पनामा के स्ट्राइकर्स को पूरे मैच के दौरान जो भी सुनहरे मौके मिले, उन्हें वे गोल पोस्ट के भीतर भेजने में पूरी तरह दिशाहीन नजर आए। ग्रुप के पहले मैच में घाना ने पनामा को कड़ी टक्कर देते हुए 1-0 के करीबी अंतर से मात दी। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी कहानी नहीं बदली और क्रोएशिया के खिलाफ भी पनामा को 1-0 की दर्दनाक हार झेलनी पड़ी। इन दो लगातार हार के बाद पनामा की टूर्नामेंट में बने रहने की सारी उम्मीदें केवल अपने आखिरी ग्रुप मैच पर टिकी हुई थीं, लेकिन वहां भी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।
इंग्लैंड के खिलाफ टूटी आखिरी उम्मीद, हैरी केन और बेलिंगहम ने दागे शानदार गोल
अपने आखिरी लीग मैच में पनामा का मुकाबला ग्रुप की सबसे मजबूत टीम इंग्लैंड (England) से हुआ। इस करो या मरो वाले मुकाबले में भी पनामा की टीम का गोल का खाता नहीं खुल सका। इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ियों ने मैच की शुरुआत से ही पनामा पर दबाव बनाए रखा और दमदार प्रदर्शन करते हुए इस मैच को 2-0 से आसानी से अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की तरफ से स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम (Jude Bellingham) और दिग्गज स्ट्राइकर हैरी केन (Harry Kane) ने अपनी क्लास दिखाते हुए दो शानदार गोल दागे।
फीफा इतिहास की इकलौती फ्लॉप टीम: बिना अंक और बिना गोल के सफर समाप्त
इंग्लैंड से मिली इस शिकस्त के साथ ही पनामा आधिकारिक तौर पर बिना कोई अंक हासिल किए और बिना कोई गोल दागे वर्ल्ड कप 2026 की रेस से बाहर हो गया। दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल फीफा से बाहर होने वाली कुल 16 टीमों की लिस्ट में पनामा दुनिया की इकलौती ऐसी टीम साबित हुई है, जिसके खाते में एक भी गोल दर्ज नहीं हो सका। पनामा के अलावा बाहर होने वाली बाकी सभी 15 टीमों ने टूर्नामेंट में कम से कम एक गोल तो जरूर दागा था। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पनामा फुटबॉल एसोसिएशन को आने वाले समय में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।
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