
दुनिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 का चार साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। इस बार के टूर्नामेंट की शुरुआत इतनी धमाकेदार और ड्रामे से भरपूर होगी, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। टूर्नामेंट के तीन मेजबान देशों में से एक, मेक्सिको ने अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए जीत के साथ शानदार शुरुआत की है। ग्रुप-ए के इस बेहद रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से मात देकर अपने हजारों फैंस को जश्न मनाने का मौका दे दिया।
मगर यह मैच फुटबॉल के बेहतरीन शॉट्स या जीत से ज्यादा खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता और रेफरी की कड़े तेवरों के लिए हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इस इकलौते मैच में रेफरी को एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 3 बार रेड कार्ड निकालकर खिलाड़ियों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा।
शकीरा की परफॉर्मेंस और एजटेका स्टेडियम का जादू
इस महामुकाबले की शुरुआत मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक और मशहूर एजटेका स्टेडियम (Azteca Stadium) में हुई। स्टेडियम में करीब 85 हजार से ज्यादा दर्शकों की भारी भीड़ अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थी। मैच किक-ऑफ होने से पहले एक बेहद खूबसूरत और रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस सेरेमनी का मुख्य आकर्षण रहीं मशहूर इंटरनेशनल पॉप सिंगर शकीरा (Shakira), जिन्होंने वर्ल्ड कप 2026 के ऑफिशियल एंथम पर अपनी लाइव परफॉर्मेंस से पूरे स्टेडियम में आग लगा दी। पूरा मैदान उनकी धुनों पर थिरक रहा था, लेकिन इसके बाद मैदान पर जो ड्रामा हुआ, उसने सबका ध्यान खींच लिया।
मेक्सिको का मैदान पर दबदबा: ऐसे दागे दो गोल
मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको की टीम साउथ अफ्रीका पर पूरी तरह हावी नजर आई। मेक्सिको के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और मैच के शुरुआती मिनटों में ही सफलता हासिल कर ली:
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पहला गोल (9वां मिनट): मैच के अभी 9 ही मिनट बीते थे कि मेक्सिको के लेफ्ट विंगर हूलियन क्विनोनेस (Julián Quiñones) ने एरिक लीरा के एक बेहतरीन और सटीक पास को गोल पोस्ट में डाल दिया। इस गोल के साथ ही हूलियन ने वर्ल्ड कप 2026 का पहला गोल दागने का ऐतिहासिक गौरव अपने नाम कर लिया।
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दूसरा गोल (67वां मिनट): पहले हाफ में 1-0 की बढ़त के बाद भी मेक्सिको ने अपने हमले कम नहीं किए। खेल के दूसरे हाफ में 67वें मिनट में टीम के स्टार स्ट्राइकर राउल हिमिनेज (Raúl Jiménez) ने अपनी क्लास दिखाते हुए दूसरा शानदार गोल दागा और मेक्सिको को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी, जो मैच के अंत तक कायम रही।
मैच के मुख्य आंकड़े और रेड कार्ड का अनोखा रिकॉर्ड
पूरे मैच के दौरान दोनों ही टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। मेक्सिको ने विपक्षी टीम के गोल पोस्ट पर कुल 16 शॉट दागे, जिनमें से 5 बिल्कुल निशाने पर थे। लेकिन इस खेल के बीच दोनों टीमों के खिलाड़ी अपनी भावनाओं और गुस्से पर काबू नहीं रख पाए, जिसके चलते मैदान पर जमकर फाउल हुए।
मैच के इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और रिकॉर्ड को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार: एक ही ओपनिंग मैच में 3 रेड कार्ड
फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब उद्घाटन मुकाबले में ही 3 खिलाड़ियों को सस्पेंड करके बाहर भेजा गया हो। मैच के 50वें मिनट में साउथ अफ्रीका के मिडफील्डर याया सितहोले को गंभीर फाउल के लिए पहला रेड कार्ड मिला। इसके बाद 84वें मिनट में साउथ अफ्रीका के ही थेम्बा ज्वाने को बाहर जाना पड़ा, जो महज 24 मिनट पहले ही सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में आए थे। ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ; मैच खत्म होने के ठीक पहले इंजरी टाइम (90+2 मिनट) में मेक्सिको के डिफेंडर सेजार मॉन्टेस भी आपा खो बैठे और उन्हें भी रेड कार्ड थमा दिया गया।
इस तरह कुल 23 फाउल और 3 रेड कार्ड के साथ इस मैच ने खेल के साथ-साथ अनुशासन के लिहाज से भी एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। मेक्सिको ने भले ही 3 अंक हासिल कर ग्रुप-ए में मजबूत शुरुआत कर ली है, लेकिन अगले मैचों के लिए दोनों ही टीमों को अपने खिलाड़ियों के आक्रामक बर्ताव और अनुशासन पर कड़ी मेहनत करनी होगी।
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