
News India Live, Digital Desk: दिवाली का त्योहार बस दरवाज़े पर है और हम सब ज़ोर-शोर से तैयारियों में जुटे हैं. इस त्योहार की मिठास बढ़ाने के लिए बाज़ारों में भी मिठाइयों की दुकानें सज चुकी हैं. लेकिन रुकिए! क्या आप जानते हैं कि जिस मिठाई को आप भगवान को भोग लगाने या अपने मेहमानों को खिलाने के लिए घर ला रहे हैं, वो असली है भी या नहीं?त्योहारों के आते ही मिलावट का ‘गंदा खेल’ करने वाले लोग सक्रिय हो जाते हैं. ये लोग थोड़े से मुनाफ़े के लिए आपकी सेहत से खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचकते. लेकिन इस बार, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने इन मिलावटखोरों की कमर तोड़कर रख दी है.50 क्विंटल… यानी 5000 किलो ज़हरीली मिठाई नष्ट!FSDA ने दिवाली से पहले लखनऊ में अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी की है. टीम ने शहर के चिनहट और दूसरे इलाकों में चल रही अवैध मिठाई की फैक्टरियों पर छापा मारा, और वहां का नज़ारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए.कुल 50 क्विंटल, यानी 5000 किलोग्राम से भी ज़्यादा मिलावटी और खराब मिठाइयां ज़ब्त की गईं.इस ज़ब्त किए गए ज़हरीले सामान की क़ीमत लाखों में बताई जा रही है.हालात इतने खराब थे कि अधिकारियों ने इस पूरे ज़खीरे को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि यह किसी भी हाल में बाज़ार तक न पहुंच सके.सोचिए, अगर यह कार्रवाई नहीं होती, तो यह 5000 किलो नकली मिठाई और खोया आपके और हमारे घरों में दिवाली की मिठास में ‘ज़हर’ घोल रहा होता.किस चीज़ से बन रही थी यह ‘मौत की मिठाई’?जांच में सामने आया कि ये मिलावटखोर सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट, खराब तेल और सेहत के लिए बेहद खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल करके खोया, पनीर और मिठाइयां बना रहे थे. रसगुल्ले और गुलाब जामुन जैसी मिठाइयों में भी जमकर मिलावट पाई गई. इन जगहों पर साफ-सफाई का तो नामोनिशान तक नहीं था.FSDA की टीम ने इन मिठाइयों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद इन ‘सेहत के दुश्मनों’ के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.कैसे बचें इस ज़हर से? आप भी रहें सावधानभरोसेमंद दुकान से ही खरीदें: हमेशा किसी पुरानी और जानी-पहचानी दुकान से ही मिठाई खरीदें.रंग पर न जाएं: अगर किसी मिठाई का रंग बहुत ज़्यादा चटक या बनावटी लगे, तो उसे खरीदने से बचें. अक्सर इसमें खतरनाक केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल होता है.सस्ते के चक्कर में न पड़ें: अगर कोई बाज़ार भाव से बहुत ज़्यादा सस्ती मिठाई बेच रहा है, तो सावधान हो जाएं. हो सकता है कि उसकी क्वालिटी में कोई बड़ी गड़बड़ हो.खोया (मावा) को परखें: खरीदने से पहले खोये का छोटा सा टुकड़ा अपनी उंगली पर मसलकर देखें. अगर वह दानेदार लगता है या उसमें से घी की महक आती तो हो सकता . नकली खोया चिपचिपा होता है.सबसे अच्छा, घर पर बनाएं: हो सके तो इस दिवाली दूध और खोया खरीदकर घर पर ही मिठाइयां बनाएं. यह सबसे सुरक्षित और सेहतमंद तरीका है.इस दिवाली, थोड़ी सी जागरूकता दिखाकर आप न सिर्फ अपने पैसे, बल्कि अपने परिवार की सेहत को भी इन मिलावटखोरों से बचा सकते हैं.
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