
गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बीच रोज सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जीटी रोड (GT Road) और एनएच-34 (NH-34) के सबसे व्यस्त और जाम से प्रभावित हिस्से लालकुआं से दादरी के बीच अब 12 किलोमीटर लंबा और 6-लेन (6-Lane) एलिवेटेड रोड बनने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब ₹2300 करोड़ की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते ट्रैफिक प्रेशर को कम करेगा, बल्कि आगामी 'न्यू नोएडा' (New Noida) प्रोजेक्ट को भी नई रफ्तार देगा।
रोजाना के ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति
लालकुआं, बदलपुर और दादरी का यह पूरा इलाका रोजाना घंटों लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता है:
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भारी वाहनों का दबाव: गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ और आगरा की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहन इसी मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हैं।
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बायपास की तरह करेगा काम: 12 किमी लंबे इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर से फर्राटा भरेगा, जबकि स्थानीय और धीमी गति वाले वाहन नीचे की मौजूदा सड़क का इस्तेमाल करेंगे। इससे सिग्नल-फ्री आवाजाही संभव हो सकेगी।
₹2300 करोड़ का बजट और अक्टूबर में टेंडर
परियोजना की मुख्य बातें और समय सीमा इस प्रकार हैं:
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अनुमानित लागत: इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर करीब ₹2,300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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टेंडर की समय सीमा: एनएचएआई (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे रहे हैं और इसका आधिकारिक टेंडर जारी करने की तैयारी है।
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न्यू नोएडा को बूस्ट: दादरी के पास नोएडा अथॉरिटी द्वारा बसाए जा रहे 'न्यू नोएडा' (DNGIR) के चलते आने वाले दिनों में यहां ट्रैफिक कई गुना बढ़ने वाला है। यह एलिवेटेड रोड उस भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
अलीगढ़ और बुलंदशहर का सफर होगा बेहद आसान
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल गाजियाबाद और नोएडा के स्थानीय निवासियों का यात्रा समय (Travel Time) आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी। लालकुआं चौराहे पर प्रस्तावित नए फ्लाईओवर और कनेक्टिंग रैंप के बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से आने वाली गाड़ियों को भी दादरी और एनएच-91 की तरफ सीधे निकलने का बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा।
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