
News India Live, Digital Desk : आजकल युवाओं में टैटू का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। कोई अपने प्यार का नाम गुदवा रहा है, तो कोई अपनी सोच को डिजाइन की शक्ल दे रहा है। इसी बीच एक नया और बहुत बड़ा ट्रेंड देखने को मिल रहा है – शरीर पर धार्मिक और भगवान के टैटू बनवाने का। हाथ पर त्रिशूल, पीठ पर ‘महाकाल’, कलाई पर ‘ॐ’ या किसी देवी-देवता का चित्र यह फैशन और आस्था का एक अनोखा संगम बन गया है।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस टैटू को आप भक्ति या कूल दिखने के लिए बनवा रहे हैं, वो आपकी जिंदगी पर कैसा असर डाल रहा है? क्या शरीर पर भगवान का टैटू बनवाना वाकई सही है? या यह अनजाने में किया गया एक अपमान है? ज्योतिष और शास्त्र इस बारे में कुछ गहरी बातें बताते हैं जो शायद आपको चौंका दें।चलिए, इस दिलचस्प सवाल की गहराई में उतरते हैं।क्यों बनवाते हैं लोग धार्मिक टैटू?ज्यादातर लोगों के लिए यह अपनी आस्था को दिखाने का एक तरीका है। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वे हमेशा भगवान के करीब महसूस करेंगे और बुरी नजरों या नकारात्मक ऊर्जा से बचे रहेंगे। यह उनके लिए एक सकारात्मक प्रतीक की तरह काम करता है जो उन्हें हर पल हिम्मत देता है।लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू क्या है?ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरीर पर भगवान या धार्मिक प्रतीकों का टैटू बनवाना कई मायनों में गलत माना जाता है। इसके पीछे कुछ ठोस वजहें हैं:1. शरीर की पवित्रता:शास्त्रों में हमारे शरीर को एक मंदिर की तरह पाक और पवित्र माना गया है। इस पर सुई चुभोकर टैटू बनवाने को शरीर को कष्ट देने जैसा माना जाता है। जिस तरह मंदिर की दीवारों पर हर कुछ नहीं लिखा जा सकता, उसी तरह शरीर पर भगवान का स्थायी चित्र बनवाना सही नहीं माना जाता।2. ज्योतिष और ग्रहों का कनेक्शन:यह सबसे अहम पहलू है। ज्योतिष के अनुसार, टैटू का सीधा संबंध शनि और राहु जैसे क्रूर ग्रहों से होता है।स्याही (Ink): टैटू की गहरी काली या नीली स्याही राहु का प्रतिनिधित्व करती है।सुई (Needle): टैटू बनवाते वक्त जो सुई शरीर में चुभोई जाती है, उसका संबंध मंगल ग्रह से होता है।जब राहु और मंगल का यह संयोग शरीर पर बनता है, तो यह इंसान के स्वभाव पर बुरा असर डाल सकता है। इससे व्यक्ति का गुस्सा बढ़ सकता है, वह जल्दबाजी में गलत फैसले ले सकता है और जीवन में बेवजह की मुश्किलें आ सकती हैं।3. अपवित्रता का दोष:हमारा शरीर हमेशा पवित्र अवस्था में नहीं रहता। हम शौचालय जाते हैं, और कई बार ऐसी जगहों पर भी जाते हैं जहां सफाई नहीं होती। ऐसे में, अगर आपके शरीर पर भगवान का चित्र या प्रतीक बना है, तो वह भी आपके साथ इन अपवित्र जगहों पर जाता है। इसे भगवान का अपमान माना जाता है और इसका दोष लगता है।तो आखिरी फैसला क्या है?आस्था दिखावे की नहीं, बल्कि महसूस करने की चीज़ है। भगवान आपके मन में बसते हैं, आपकी त्वचा पर नहीं। अगर आप सिर्फ फैशन के लिए या दूसरों को दिखाने के लिए भगवान का टैटू बनवा रहे हैं, तो यह ज्योतिष के अनुसार आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।फैसला आपका अपना है, लेकिन किसी भी धार्मिक निशान को अपने शरीर पर गुदवाने से पहले हजार बार सोचना जरूरी है। कहीं ऐसा न हो कि जिस भगवान को आप अपने करीब लाना चाहते हैं, उनका अनजाने में अपमान करके आप अपनी परेशानियां खुद ही न बढ़ा लें।
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