
News India Live, Digital Desk: वाल्मीकि रामायण और पुराणों के अनुसार, केसरीनंदन के मुख्य रूप से 12 नाम सबसे प्रभावशाली माने गए हैं। इन नामों का जाप न केवल भूत-पिशाच को दूर भगाता है, बल्कि कुंडली के बड़े से बड़े ग्रह दोषों को भी शांत कर देता है। आइए जानते हैं हनुमान जी के प्रमुख नामों के पीछे की पौराणिक कथाएं और उनके अर्थ।1. क्यों कहलाए ‘हनुमान’ और ‘बजरंगबली’?हनुमान: पौराणिक कथा के अनुसार, जब बाल समय में उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगल लिया था, तब इंद्र देव ने उन पर वज्र से प्रहार किया। वह प्रहार उनकी ‘हनु’ (ठोड़ी) पर लगा और वह टूट गई। तब से उनका नाम ‘हनुमान’ पड़ा।बजरंगबली: यह शब्द ‘वज्र-अंग’ से बना है। इंद्र के वज्र प्रहार के बाद भी उनका शरीर स्थिर रहा, जिससे उन्हें ‘वज्र के समान शक्तिशाली अंगों वाला’ यानी ‘बजरंगबली’ कहा गया।2. हनुमान जी के प्रमुख नाम और उनके पीछे के रहस्यहनुमान जी के हर नाम का एक विशेष आध्यात्मिक अर्थ है, जो उनके गुणों को दर्शाता है:नामरहस्य और अर्थजप का फलपवनपुत्र / वायुपुत्रवायु देव के अंश से उत्पन्न होने के कारण।प्राणशक्ति और ऊर्जा में वृद्धि।अंजनी सुतमाता अंजनी के पुत्र होने के कारण।मातृ-पितृ दोषों से मुक्ति।अमित विक्रमजिसकी वीरता की कोई सीमा न हो (अतुलनीय पराक्रम)।शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास।लक्ष्मण प्राणदातासंजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के कारण।गंभीर बीमारियों और संकटों से सुरक्षा।पिगांक्षभूरी आंखों वाला (योग मार्ग में एकाग्रता का प्रतीक)।एकाग्रता और मानसिक शांति।3. ‘संकटमोचन’ और ‘रामदूत’ का महत्वहनुमान जी को ‘रामदूत’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे प्रभु श्री राम के सबसे अनन्य भक्त और उनके संदेशवाहक बने। वहीं, विभीषण से लेकर सुग्रीव तक के दुखों को हरने के कारण उन्हें ‘संकटमोचन’ की उपाधि मिली। कलयुग में मान्यता है कि जो व्यक्ति हनुमान जी के इन 12 नामों का नित्य स्मरण करता है, उसकी अकाल मृत्यु और दरिद्रता का नाश हो जाता है।किस समय लेना चाहिए ये नाम?शास्त्रों के अनुसार, सुबह सोकर उठने पर, रात को सोने से पहले या किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले हनुमान जी के इन नामों का जाप करने से ‘अजेय शक्ति’ का अनुभव होता है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड के पाठ के बाद इन नामों का स्मरण करना भाग्योदय का कारक माना जाता है।
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