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Hysterectomy Effects : बच्चेदानी निकालने के बाद शरीर में क्या-क्या बदल जाता है? सर्जरी से पहले जान लें ये 5 बड़े साइड इफेक्ट्स’

News India Live, Digital Desk: मेडिकल साइंस में ‘हिस्टेरेक्टॉमी’ (Hysterectomy) यानी गर्भाशय (Uterus) निकालने की सर्जरी कई बार महिलाओं के लिए जीवनरक्षक साबित होती है। फाइब्रॉयड्स, एंडोमेट्रियोसिस या कैंसर जैसी स्थितियों में डॉक्टर इसे आखिरी विकल्प के रूप में अपनाते हैं। हालांकि, गर्भाशय केवल प्रजनन का अंग नहीं है, बल्कि यह महिला के हार्मोनल संतुलन और शारीरिक संरचना में भी अहम भूमिका निभाता है। सर्जरी के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव आते हैं, जिनके बारे में अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती।1. हार्मोनल असंतुलन और समय से पहले मेनोपॉजयदि सर्जरी के दौरान गर्भाशय के साथ अंडाशय (Ovaries) भी निकाल दिए जाते हैं, तो महिला का शरीर तुरंत ‘सर्जिकल मेनोपॉज’ की स्थिति में आ जाता है। इससे शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिर जाता है, जिसके कारण:हॉट फ्लैशेस: अचानक बहुत गर्मी लगना और पसीना आना।मूड स्विंग्स: चिड़चिड़ापन, तनाव और घबराहट महसूस होना।नींद की कमी: रात में सोने में कठिनाई होना।2. हड्डियों की कमजोरी (Osteoporosis) का खतराएस्ट्रोजन हार्मोन हमारी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है। बच्चेदानी और अंडाशय निकलने के बाद इस हार्मोन की कमी से हड्डियों का घनत्व (Density) कम होने लगता है। इससे महिलाओं में ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ का खतरा बढ़ जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर होकर जल्दी टूटने लगती हैं।3. वजन का बढ़ना और मेटाबॉलिज्म में बदलावसर्जरी के बाद कई महिलाओं को शिकायत होती है कि उनका वजन अचानक बढ़ने लगा है। हार्मोनल बदलावों के कारण मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है, जिससे फैट बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है। विशेष रूप से पेट के निचले हिस्से (Belly Fat) में चर्बी जमा होने लगती है।4. शारीरिक संरचना और मांसपेशियों पर असरगर्भाशय पेल्विक क्षेत्र (Pelvic Area) के अंगों को सहारा देता है। इसे हटाए जाने के बाद पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।Pelvic Organ Prolapse: कभी-कभी मूत्राशय या मलाशय अपनी जगह से खिसक सकते हैं।पीठ दर्द: पेट की मांसपेशियों के कमजोर होने से लंबे समय तक पीठ दर्द की समस्या बनी रह सकती है।5. मानसिक और भावनात्मक प्रभावबच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है। कई महिलाएं अपनी ‘स्त्रीत्व’ (Womanhood) को खोने का अनुभव करती हैं, जिससे अवसाद (Depression) या आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। इसके अलावा, योनि में सूखापन (Vaginal Dryness) के कारण वैवाहिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए क्या करें?डॉक्टर की सलाह: सर्जरी के बाद ‘कीगल एक्सरसाइज’ (Kegel Exercises) करना पेल्विक मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा, कैल्शियम और विटामिन-D से भरपूर डाइट लें और नियमित वॉक करें। यदि लक्षण गंभीर हों, तो अपने डॉक्टर से ‘हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी’ (HRT) के बारे में चर्चा जरूर करें।