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ICIB और मलेशिया के कॉन्सुलेट जनरल ने मिलकर “सलाम मुंबई – मलेशिया एडिशन” को बनाया सुपरहिट!

इंडियन चैंबर ऑफ इंटरनेशनल बिज़नेस (ICIB) ने मलेशिया के कॉन्सुलेट जनरल के साथ मिलकर 4 से 6 मई 2026 के बीच तीन दिन का एक शानदार कल्चरल और सिनेमा से भरपूर इवेंट “सलाम मुंबई – मलेशिया एडिशन” आयोजित किया, जो उनके खास कल्चरल एक्सचेंज प्लेटफॉर्म ‘ग्लोबल विज़न’ का हिस्सा है।

‘ग्लोबल विज़न’ ICIB का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद सिनेमा, संस्कृति, पर्यटन, मीडिया, शिक्षा और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ के ज़रिए भारत और दुनिया के बीच मज़बूत और सार्थक कनेक्शन बनाना है। वहीं ‘सिनेमा कनेक्ट’ ग्लोबल फ़िल्म कोलेबोरेशन को और आगे बढ़ाने पर फ़ोकस करता है।जयिता स्ट्रैटेजिया द्वारा स्मार्ट तरीके से क्यूरेट किया गया यह इवेंट भारत और मलेशिया के बीच सिनेमा, संस्कृति और क्रिएटिविटी के रंगों को जोड़ने वाला एक खूबसूरत संगम साबित हुआ।

नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में आयोजित इस फेस्टिवल में मलेशियाई फिल्में ‘बाबा’ और ‘द जर्नी’ की स्क्रीनिंग हुई, साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मलेशिया की समृद्ध विरासत और कहानी कहने की कला को बेहद दिलचस्प अंदाज में पेश किया।

इवेंट का एक बड़ा आकर्षण रहा मशहूर एनीमेटर और विज़ुअल स्टोरीटेलर धीमंत व्यास का मास्टरक्लास, जहां उन्होंने अपनी क्रिएटिव जर्नी और एनीमेशन के जरिए बदलते स्टोरीटेलिंग स्टाइल्स पर दिलचस्प बातें शेयर कीं।

6 मई को इस पहल का समापन एक खास B2B वित्तपोषण के साथ हुआ, जिसमें भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों के साथ मलेशिया के फिल्म और क्रिएटिव सेक्टर के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस दौरान ‘फिल्म इन मलेशिया ऑफिस’, पर्यटन प्रतिनिधि और मलेशिया की प्रोडक्शन इंडस्ट्री से जुड़े अहम लोग भी मौजूद रहे।

मलेशिया के कॉन्सुलेट जनरल, अहमद ज़ुवैरी यूसॉफ ने कहा कि सिनेमा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने और लोगों को जोड़ने का एक बेहतरीन जरिया है।

जयिता घोष, चेयरपर्सन – फिल्म और मीडिया कमेटी, ICIB और जयिता स्ट्रैटेजिया की फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, “सलाम मुंबई – मलेशिया एडिशन ने भारतीय दर्शकों को मलेशियाई सिनेमा और संस्कृति की खूबसूरती से रूबरू कराया। सिनेमा एक ऐसा सॉफ्ट पावर है, जो दिलों को जोड़ने की ताकत रखता है।”

टूरिज़्म मलेशिया की डायरेक्टर, हरयन्ती अबू बकर ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे इवेंट्स भारतीय दर्शकों के बीच मलेशियाई संस्कृति, टूरिज़्म और क्रिएटिव एक्सचेंज को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

तीन दिन तक चला यह इवेंट शानदार अंदाज़ में खत्म हुआ, जो भारत और मलेशिया के बीच कला और संस्कृति के रिश्तों को और मजबूत कर गया — और यह सब हुआ सिनेमा की उस भाषा के जरिए, जो हर दिल को जोड़ती है।