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Ind vs Pak : 4000 करोड़ का दांव! मोहसिन नकवी ने ICC के सामने ठोक दीं 3 नई शर्तें; क्या अब होगा भारत-पाक महामुकाबला?

News India Live, Digital Desk : भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप के महामुकाबले (15 फरवरी, कोलंबो) को लेकर जारी सस्पेंस के बीच मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) की अगुवाई वाले पीसीबी ने नया पैंतरा चला है। लाहौर में आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक में पाकिस्तान ने 3 ऐसी शर्तें रख दी हैं, जिन्होंने आईसीसी को धर्मसंकट में डाल दिया है।दरअसल, पाकिस्तान सरकार द्वारा भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के फैसले के बाद पीसीबी अब ‘सौदेबाजी’ (Negotiation) की मुद्रा में आ गया है।PCB की 3 नई और बड़ी मांगेंसूत्रों के अनुसार, मोहसिन नकवी ने आईसीसी डेलीगेशन के सामने अपना पक्ष रखते हुए ये प्रमुख शर्तें रखी हैं:होस्टिंग राइट्स (Hosting Rights): पाकिस्तान ने भविष्य के बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स (जैसे 2028-29 का कोई ग्लोबल इवेंट) की मेजबानी के अधिकारों की गारंटी मांगी है।बांग्लादेश के लिए मुआवजा (Compensation): चूंकि पाकिस्तान यह बहिष्कार ‘बांग्लादेश के साथ एकजुटता’ दिखाने के लिए कर रहा है, इसलिए उन्होंने मांग की है कि टूर्नामेंट से बाहर किए गए बांग्लादेश बोर्ड को भारी वित्तीय मुआवजा और पार्टिसिपेशन फीस दी जाए।रेवेन्यू शेयरिंग में बढ़ोतरी: पीसीबी का तर्क है कि भारत-पाक मैच से आईसीसी को सबसे ज्यादा कमाई होती है, इसलिए पाकिस्तान के वार्षिक रेवेन्यू शेयर (ICC Revenue Share) को बढ़ाया जाए।40 अरब रुपये का जोखिम और ‘Force Majeure’आईसीसी ने पीसीबी को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वे बिना किसी ठोस कारण (Force Majeure) के भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलते हैं, तो उन पर भारी वित्तीय जुर्माना लग सकता है।बड़ा नुकसान: पाकिस्तान को मिलने वाला वार्षिक फंड (लगभग 40 अरब पाकिस्तानी रुपये) रुक सकता है।संभावित बैन: भविष्य के आईसीसी इवेंट्स की मेजबानी से पाकिस्तान को हाथ धोना पड़ सकता है।शेहबाज शरीफ का अंतिम फैसला आज!इस पूरी उठापटक के बीच, पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शेहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) से मुलाकात करेंगे। इस ‘ब्रीफिंग’ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पाकिस्तान ‘U-Turn’ लेकर मैदान पर उतरेगा या अपनी बहिष्कार की जिद पर अड़ा रहेगा।क्या सुलझ जाएगा मामला?विशेषज्ञों का मानना है कि पीसीबी की ये नई मांगें दरअसल अपनी छवि बचाने और आईसीसी से अधिक से अधिक रियायतें हासिल करने का एक तरीका हैं। यदि आईसीसी बांग्लादेश को मुआवजा देने और भविष्य की मेजबानी पर नरम रुख अपनाती है, तो मोहसिन नकवी भारत के खिलाफ मैच के लिए ‘हरी झंडी’ दे सकते हैं