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IPL 2026 : नीला, लाल और कन्फ्यूजन क्यों एक जैसी दिखती हैं आईपीएल की ज्यादातर जर्सियां? जानें रंगों के पीछे का बोरिंग खेल

News India Live, Digital Desk : इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ज्यादा चर्चा उनकी जर्सियों (Jerseys) की हो रही है। क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि अगर खिलाड़ियों के नाम न लिखे हों, तो यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन सी टीम खेल रही है। नीला और लाल—ये दो ऐसे रंग हैं जिनसे आईपीएल फ्रेंचाइजी का मोह छूट ही नहीं रहा है। इस साल भी 10 में से 6 टीमें इन्हीं रंगों के इर्द-गिर्द घूम रही हैं, जिससे फैंस अब इसे ‘क्रिएटिविटी का अकाल’ कह रहे हैं।नीले और लाल रंग का ‘जाल’: कौन सी टीम किस हाल में?आईपीएल 2026 की जर्सियों का विश्लेषण करें तो रंगों का दोहराव साफ नजर आता है:नीले रंग का दबदबा: मुंबई इंडियंस (MI) और गुजरात टाइटन्स (GT) ने अपने सिग्नेचर ‘नेवी ब्लू’ को बरकरार रखा है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स (DC) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने भी नीले और लाल के कॉम्बिनेशन को ही चुना है।लाल रंग की जंग: पंजाब किंग्स (PBKS) अपनी पारंपरिक लाल जर्सी में है, जबकि आरसीबी (RCB) ने इस साल लाल और काले के साथ नीले शेड का भी इस्तेमाल किया है।अलग दिखने वाली टीमें: केवल चेन्नई सुपर किंग्स (पीला), सनराइजर्स हैदराबाद (नारंगी), कोलकाता नाइट राइडर्स (बैंगनी) और राजस्थान रॉयल्स (गुलाबी) ही ऐसी टीमें हैं जिनकी अपनी एक अलग और स्पष्ट पहचान नजर आती है।क्यों नहीं बदलतीं टीमें अपनी जर्सियां? 3 मुख्य कारणटीम इंडिया की जर्सी डिजाइन करने वाले विशेषज्ञों और डिजाइनर्स के अनुसार, इसके पीछे कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं:स्पॉन्सर्स का दबाव: एक आईपीएल जर्सी पर औसतन 6 से 7 स्पॉन्सर्स के लोगो होते हैं। हर ब्रांड चाहता है कि उसका लोगो अपने ओरिजिनल रंग में दिखे, जिससे जर्सी का मूल डिजाइन दब जाता है और वह ‘विज्ञापनों का बोर्ड’ लगने लगती है।ब्रॉडकास्टिंग की जरूरत: टीवी पर कुछ रंग (जैसे काला या गहरा भूरा) बहुत अच्छे नहीं दिखते। ब्रॉडकास्टर्स ऐसे रंगों की मांग करते हैं जो स्क्रीन पर ‘पॉप आउट’ हों और दर्शकों को साफ दिखें। नीला और लाल रंग इस मामले में सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।ब्रैंड पहचान का डर: फ्रेंचाइजी को डर रहता है कि अगर उन्होंने अचानक रंग बदला, तो फैंस के साथ उनका जुड़ाव (Brand Connection) कमजोर हो सकता है। यही कारण है कि वे बड़े बदलाव के बजाय केवल ‘पैटर्न’ बदलने पर ध्यान देते हैं।फैंस की मांग: ‘द हंड्रेड’ और ‘BBL’ जैसा हो बदलावसोशल मीडिया पर फैंस इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ और ऑस्ट्रेलिया की ‘बिग बैश लीग’ (BBL) का उदाहरण दे रहे हैं, जहाँ हर टीम के पास बिल्कुल अलग और वाइब्रेंट रंग हैं। फैंस का कहना है कि आईपीएल को अब ‘गोल्डन लाइन्स’ और ‘नीले-लाल’ के सुरक्षित घेरे से बाहर निकलकर कुछ नया और साहसी (Bold) प्रयोग करना चाहिए।