
हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम करने से पहले शुभ मुहूर्त और सही समय का विचार जरूर किया जाता है। जल्द हीखरमासशुरू होने वाला है,जो एक ऐसा समय होता है जब लगभग एक महीने के लिए सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस दौरान शादी-ब्याह,मुंडन,गृह प्रवेश या कोई नया काम शुरू नहीं किया जाता।अगर आपके घर में भी किसी शुभ कार्य की योजना बन रही है,तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस साल खरमास कब से लग रहा है और इसका क्या महत्व है।खरमास कब से शुरू और कब खत्म होगा? (Kharmas 2025-2026 Date)हिंदू पंचांग के अनुसार,खरमास तब लगता है जब सूर्य देव,बृहस्पति की राशिधनुयामीनमें प्रवेश करते हैं। इस साल खरमास की शुरुआत तब होगी जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे।खरमास शुरू होगा: 16दिसंबर2025,मंगलवार को सुबह04:27बजे से।खरमास समाप्त होगा: 14जनवरी2026,बुधवार को दोपहर03:13बजे,जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे और मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।इसका मतलब है कि16दिसंबर2025से लेकर14जनवरी2026तकका समय खरमास का रहेगा और इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे।आखिर खरमास में क्यों नहीं होते शुभ काम?इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प धार्मिक मान्यता है। माना जाता है कि जब सूर्य देव अपने गुरु,बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं,तो उनकी गति थोड़ी धीमी हो जाती है। वहीं,शुभ कार्यों के कारक माने जाने वाले देव गुरु बृहस्पति का प्रभाव भी इस दौरान कम हो जाता है।किसी भी मांगलिक कार्य की सफलता के लिए सूर्य का तेजवान होना और गुरु का शुभ प्रभाव देना बहुत जरूरी होता है। जब इन दोनों ग्रहों की ऊर्जा कम हो जाती है,तो उस समय किए गए कार्यों का शुभ फल नहीं मिलता। यही कारण है कि इस एक महीने की अवधि में सभी शुभ कार्यों को रोक दिया जाता है।मकर संक्रांति पर जब सूर्य वापस अपनी राशि बदलते हैं,तो खरमास समाप्त हो जाता है और एक बार फिर से शहनाइयों की गूंज और मांगलिक कार्यों की धूम शुरू हो जाती है।
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