
News India Live, Digital Desk: दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे हिंदू कैलेंडर में कभी-कभी एक महीना एक्स्ट्रा क्यों जुड़ जाता है? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं अधिक मास की, जिसे मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा महीना है जो हर तीन साल में एक बार आता है और धार्मिक दृष्टि से इसका बहुत ज्यादा महत्व होता है।साल 2025 अब खत्म होने वाला है, और लोग 2026 के व्रत और त्योहारों के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। तो चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि साल 2026 में यह खास महीना कब आने वाला है और इसका क्या महत्व है।क्यों आता है अधिक मास?इसे समझने के लिए हमें कैलेंडर के विज्ञान को थोड़ा समझना होगा। हमारा हिंदू पंचांग सूर्य और चंद्रमा की गणना पर आधारित है। सूर्य वर्ष 365 दिन का होता है, जबकि चंद्र वर्ष 354 दिन का। दोनों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। इसी अंतर को बराबर करने के लिए, हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है, जिसे ‘अधिक मास’ कहते हैं।2026 में कब है पुरुषोत्तम मास?साल 2026 में अधिक मास ज्येष्ठ के महीने में लगेगा। पंचांग के अनुसार, यह महीना 17 मई 2026, रविवार से शुरू होगा और 15 जून 2026, सोमवार को समाप्त होगा। इस पूरे महीने को ‘अधिक ज्येष्ठ’ कहा जाएगा।इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ क्यों कहते हैं?एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब यह अतिरिक्त महीना बना, तो कोई भी देवता इसका स्वामी नहीं बनना चाहता था। इस वजह से इस महीने को ‘मलमास’ यानी अशुभ कहा जाने लगा। तब यह महीना भगवान विष्णु की शरण में गया। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया और वरदान दिया कि इस महीने में जो भी भक्ति, दान और पुण्य का काम करेगा, उसे कई गुना ज्यादा फल मिलेगा। तभी से यह महीना ‘पुरुषोत्तम मास’ कहलाने लगा।इस महीने में क्या करें और क्या न करें?क्या करें: पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान दान, पुण्य, जप, तप और श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करना बहुत फलदायी होता है। पवित्र नदियों में स्नान करने का भी विशेष महत्व है।क्या न करें: इस महीने को भले ही पूजा-पाठ के लिए बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन इसमें शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।तो अब आप जान गए हैं कि अगले साल हमें भगवान की भक्ति के लिए एक पूरा महीना अतिरिक्त मिलने वाला है। इस समय का सदुपयोग करके आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा पा सकते हैं।
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