
रसोई गैस का उपयोग करने वाले देश के 30 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, सब्सिडी और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने सरकारी सब्सिडी के दुरुपयोग, कमर्शियल इस्तेमाल और फर्जी गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए नए दिशा-निर्देश अनिवार्य कर दिए हैं। यदि आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की अनिवार्य बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है या नए बुकिंग नियमों की जानकारी नहीं रखी है, तो 1 अक्टूबर से आपकी सब्सिडी रुक सकती है और रिफिल बुकिंग में गंभीर अड़चनें आ सकती हैं। त्योहारों के सीजन में गैस चूल्हा ठंडा न पड़े, इसके लिए इन 5 बड़े बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।
1. बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA/e-KYC) हुआ अनिवार्य
1 अक्टूबर से लागू हो रहे नियमों में सबसे अहम बदलाव बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता है। सरकार के अनुसार, घरेलू सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर का फायदा केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक कनेक्शन को उपभोक्ता के आधार बायोमेट्रिक से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। देश में लगभग 90 प्रतिशत सक्रिय उपभोक्ता यह सत्यापन पूरा करा चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी लंबित है, उनके लिए 1 अक्टूबर से सब्सिडी दर पर रिफिल बुकिंग की सुविधा तब तक रोक दी जाएगी जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।
2. ई-केवाईसी न कराने पर रुकेगी सब्सिडी, चुकाना होगा पूरा बाजार भाव
जिन उपभोक्ताओं ने 30 सितंबर तक अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं कराया है, उनका गैस कनेक्शन काटा नहीं जाएगा, लेकिन उन्हें मिलने वाली प्रति सिलेंडर सरकारी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को नॉन-सब्सिडी श्रेणी में डालकर केवल मार्केट रेट (पूरी बाजार कीमत) पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने में असमर्थ या अनिच्छुक है, तो उसे तेल कंपनियों के पोर्टल पर घोषणा दर्ज करनी होगी और उसे बिना सब्सिडी के केवल 5 या 10 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
3. बुकिंग इंटरवल में बदलाव: अब 25 दिन का समान नियम
सरकार ने दो सिलेंडर बुकिंग के बीच के अनिवार्य समयांतराल (Booking Interval Gap) के नियमों को भी एक समान कर दिया है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरी रिफिल बुक कराने के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब देश भर के सभी शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि घटाकर एक समान 25 दिन कर दी गई है। यानी पिछला सिलेंडर घर पहुंचने के ठीक 25 दिन पूरे होने के बाद ही सिस्टम अगले सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार करेगा, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगेगी।
4. डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के बिना नहीं मिलेगा सिलेंडर
सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) प्रणाली को और सख्त कर दिया गया है। जब भी कोई ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रिफिल बुक करेगा, तो उसके मोबाइल पर 4 या 6 अंकों का एक यूनिक डीएसी (DAC) कोड एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उसे यह कोड बताना अनिवार्य होगा। डिलीवरी पर्सन अपनी मोबाइल मशीन में कोड दर्ज करेगा, तभी डिलीवरी सफल मानी जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति या गलत पते पर सिलेंडर पहुंचाने की हेराफेरी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
5. 1 अक्टूबर को जारी होंगी नई कीमतें, फर्जी कनेक्शन होंगे ब्लॉक
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अक्टूबर को भी अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की दरों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के संशोधित दाम घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही, तेल कंपनियां नए डेटाबेस की मदद से एक ही नाम, एक ही पते या फर्जी आधार पर चल रहे डुप्लीकेट और अवैध कनेक्शनों को चिन्हित कर स्थायी रूप से ब्लॉक करने की कार्रवाई शुरू कर रही हैं।
घर बैठे या डिलीवरी के समय कैसे पूरी करें बायोमेट्रिक e-KYC?
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद आसान और तीन अलग-अलग विकल्पों के साथ उपलब्ध कराया है:
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घर बैठे मोबाइल ऐप से: गूगल प्ले स्टोर से अपनी गैस एजेंसी का ऐप (जैसे Indane का IndianOil ONE, Bharatgas का HelloBPCL या HP Gas का HP Pay) डाउनलोड करें। साथ ही यूआईडीएआई का 'Aadhaar FaceRD' ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में लॉगिन कर 'Aadhaar e-KYC' विकल्प पर जाएं और कैमरे के सामने पलकें झपकाकर फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी पूरी करें।
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सिलेंडर डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी बॉय आपके घर रिफिल देने आए, तो आप उसके पास मौजूद पीओएस (POS) मशीन या कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप से अपने फिंगरप्रिंट या चेहरे का स्कैन कराकर मौके पर ही सत्यापन करा सकते हैं।
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गैस एजेंसी जाकर: आप अपने मूल आधार कार्ड और गैस पासबुक के साथ अपनी नजदीकी गैस एजेंसी/डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तर जाकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर 2 मिनट में ई-केवाईसी करा सकते हैं।
असुविधा और वित्तीय नुकसान से बचने के लिए 1 अक्टूबर से पहले अपने कनेक्शन की ई-केवाईसी स्थिति की जांच MyLPG.in पोर्टल पर जाकर अवश्य कर लें।
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