
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल-गैस टैंकरों पर हो रहे हमलों ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। इस व्यस्त समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिससे भारत सहित दुनिया भर में कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी (LPG) की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। यदि यह गतिरोध लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में रसोई गैस और ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल देश के भीतर 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। लेकिन भविष्य के किसी भी बड़े संकट से बचने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है।
शहरवार एलपीजी सिलेंडरों के आज के ताजा रेट
देश भर में घरेलू और व्यावसायिक (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडरों की आज की दरें इस प्रकार हैं:
| शहर | 14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर (₹) | 19 किग्रा कमर्शियल सिलेंडर (₹) |
| नई दिल्ली | ₹942.0 | ₹3,113.5 |
| गाजियाबाद | ₹939.5 | ₹3,113.5 |
| मुंबई | ₹941.5 | ₹3,067.5 |
| बेंगलुरु | ₹944.5 | ₹3,198.0 |
| चेन्नई | ₹957.5 | ₹3,283.0 |
| कोलकाता | ₹968.0 | ₹3,256.0 |
| लखनऊ | ₹979.5 | ₹3,236.0 |
| अमृतसर | ₹983.0 | ₹3,220.0 |
| पटना | ₹1,031.5 | ₹3,400.5 |
मिडिल ईस्ट से दूरी, अमेरिका से यारी: भारत का बड़ा प्लान
खाड़ी देशों (Middle East) में बार-बार पैदा होने वाले राजनीतिक व सैन्य संकट से सीख लेते हुए भारत सरकार ने गैस आपूर्ति का नया ठिकाना तलाश लिया है। भारत ने फैसला किया है कि वह वर्ष 2027 तक अपनी कुल एलपीजी इंपोर्ट (आयात) का लगभग 25% (एक-चौथाई) हिस्सा सीधे अमेरिका से खरीदेगा।
ट्रेड डील में मिलेगा फायदा: भारत के इस कदम से न केवल देश में एलपीजी की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित होगी, बल्कि अमेरिका के साथ चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता (Trade Deal) को भी नई रफ्तार मिलेगी।
आखिर क्यों जरूरी पड़ा यह बड़ा फैसला?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है:
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आयात पर निर्भरता: भारत की कुल एलपीजी खपत में आयात (Import) की हिस्सेदारी लगभग 66% है।
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मिडिल ईस्ट का दबदबा: वर्ष 2025 में भारत ने अपने 21.85 मिलियन मीट्रिक टन कुल एलपीजी आयात का 90% से अधिक हिस्सा अकेले खाड़ी देशों (मिडिल ईस्ट) से खरीदा था।
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सप्लाई कटने का जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील रास्ते में हल्की सी भी नाकेबंदी से भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत पैदा हो सकती है। इसी निर्भरता को खत्म करने के लिए स्रोतों में विविधता (Diversification) लाना जरूरी हो गया था।
कब बदले थे आखिरी बार एलपीजी के दाम?
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कमर्शियल सिलेंडर: हाल ही में 1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की बड़ी कटौती की गई थी, जिससे होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों को भारी राहत मिली थी।
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घरेलू सिलेंडर: इससे पहले 7 जून 2026 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से कीमतें लगातार स्थिर हैं।
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