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Maa Kali Puja Secret : सूरज ढलने के बाद ही क्यों होती है माँ काली की पूजा? जानें रात के सन्नाटे में छिपी इस शक्ति का रहस्य

News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में माँ काली को शक्ति का सबसे उग्र और जागृत स्वरूप माना गया है। जहाँ अन्य देवी-देवताओं की पूजा अक्सर सूर्योदय के बाद ‘ब्रह्म मुहूर्त’ या दिन के उजाले में की जाती है, वहीं माँ काली की उपासना के लिए आधी रात (निशीथ काल) का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। आखिर इसके पीछे क्या धार्मिक और वैज्ञानिक तर्क हैं? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी परंपरा की गहराई।1. रात का समय ही क्यों? (काल और रात्रि का संबंध)माँ काली का नाम ‘काल’ से बना है, जिसका अर्थ है समय और अंत। शास्त्रों के अनुसार, काली ‘अंधकार की देवी’ हैं, जो अज्ञानता के अंधेरे को मिटाकर प्रकाश लाती हैं।निशीथ काल: तंत्र शास्त्र के अनुसार, रात के 11:40 से 12:45 के बीच का समय सबसे शक्तिशाली होता है। इस समय ब्रह्मांड की ऊर्जाएं अपनी चरम सीमा पर होती हैं, जो माँ काली की साधना के लिए अनिवार्य हैं।2. महानिशा पूजा का महत्वमाँ काली की सबसे बड़ी पूजा, जिसे ‘महानिशा पूजा’ कहा जाता है, वह हमेशा अमावस्या की काली रात को ही होती है। माना जाता है कि रात के समय वातावरण में शांति होती है और साधक का मन बाहरी शोर से हटकर पूरी तरह भक्ति में लीन हो जाता है। तामसी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जाओं को नियंत्रित करने के लिए रात का समय ही सबसे प्रभावी होता है।3. तांत्रिक साधना और सिद्धिकाली पूजा में तांत्रिक अनुष्ठानों का बड़ा महत्व है। तंत्र शास्त्र के अनुसार, महाविद्याओं की साधना रात में अधिक सफल होती है।एकाग्रता: रात में प्राकृतिक शांति होने के कारण मंत्रों का उच्चारण और ध्यान अधिक केंद्रित होता है।शत्रु बाधा से मुक्ति: माना जाता है कि रात में की गई काली पूजा से शत्रुओं का नाश होता है और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है।पूजा के समय इन 3 नियमों का रखें ध्यान:सात्विकता और शुद्धि: भले ही माँ का स्वरूप उग्र हो, लेकिन गृहस्थों को उनकी पूजा हमेशा सात्विक भाव से ही करनी चाहिए।दीपक का मुख: माँ काली की पूजा करते समय सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।लाल पुष्प: माँ को लाल रंग के गुड़हल के फूल (Hibiscus) अत्यंत प्रिय हैं, इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।”काली का अर्थ केवल संहार नहीं, बल्कि उस समय का अंत है जो हमारे दुखों और अज्ञानता का कारण है।”