
News India Live, Digital Desk: Margashirsha Purnima 2025 : क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष महीना भगवान श्री कृष्ण को सबसे ज्यादा प्रिय है? गीता में भगवान कृष्ण ने स्वयं कहा है— “महीनों में, मैं मार्गशीर्ष हूं।” इसी पवित्र महीने कीपूर्णिमा (Full Moon) अब बस आने ही वाली है।जी हाँ,4 दिसंबर 2025, गुरुवार को ‘मार्गशीर्ष पूर्णिमा’ है। यह दिन सिर्फ़ चाँद को देखने का नहीं, बल्कि अपने घर में सुख-समृद्धि और शांति लाने का एक सुनहरा मौका है। इसी दिनदत्तात्रेय जयंती औरअन्नपूर्णा जयंती भी मनाई जाती है, जो इसे और भी खास बनाती है।अक्सर हम पूजा-पाठ तो करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ छोटी-छोटी गलतियाँ कर बैठते हैं जिससे हमें वो फल नहीं मिल पाता जिसकी हम उम्मीद करते हैं। तो चलिए, आज बिल्कुल सरल भाषा में जानते हैं कि इस पूर्णिमा पर आपको क्या करना चाहिए और किन चीज़ों से दूर रहना चाहिए।कब से कब तक है पूर्णिमा? (Tithi & Muhurat)पूर्णिमा तिथि शुरू: 4 दिसंबर, सुबह 08:37 बजे सेपूर्णिमा तिथि समाप्त: 5 दिसंबर, सुबह 04:43 बजे तकपूजन का सबसे अच्छा समय: 4 दिसंबर को ही व्रत और चंद्र-पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। शाम के समय चंद्रोदय के बाद अर्घ्य जरूर दें।पूजा में ये काम जरूर करें (The Dos – Must Follow)पवित्र स्नान (Holy Bath): अगर संभव हो तो गंगा स्नान करें। नहीं तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा ‘गंगाजल’ और ‘कुशा’ (घास) मिला लें। यह आपके शरीर और मन दोनों की शुद्धि करेगा।तुलसी की पूजा: क्योंकि यह महीना भगवान कृष्ण का है, तो उनकी प्रिया ‘तुलसी’ की पूजा अनिवार्य है। शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और 11 बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि इससे घर में कभी पैसों की तंगी नहीं होती।सत्यनारायण कथा: पूर्णिमा के दिन घर मेंसत्यनारायण भगवान की कथा करवाना बहुत शुभ होता है। अगर कथा नहीं कर सकते, तो कम से कम ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप जरूर करें।खीर का भोग: माता लक्ष्मी और चंद्र देव दोनों को हीसफेद चीजें पसंद हैं। मिश्री वाली खीर का भोग लगाएं और इसे प्रसाद के रूप में बांटें। इससे परिवार में मिठास बढ़ती है।सावधान! ये गलतियाँ भूलकर भी न करें (The Don’ts – Major Mistakes)अक्सर यहीं हम मात खा जाते हैं। इन बातों का विशेष ध्यान रखें:देर तक सोना: पूर्णिमा के दिन देर तक सोने की गलती न करें। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना आपकी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।तामसिक भोजन से दूरी: इस दिन घर में नॉन-वेज, शराब तो दूर,लहसुन और प्याज का इस्तेमाल भी न करें। सात्विक भोजन ही खाएं।काला कपड़ा: पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।चंद्रमा को अनदेखा न करें: कई लोग दिनभर व्रत रखते हैं लेकिन रात को चंद्रमा को अर्घ्य (दूध और पानी मिलाकर) देना भूल जाते हैं। याद रखिए, चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है, खासकर अगर आपको मानसिक तनाव रहता है।घर में कलह: जिस दिन मां लक्ष्मी के आगमन की उम्मीद हो, उस दिन घर में झगड़ा या क्लेश न करें। नहीं तो बरकत उल्टे पैर वापस लौट जाएगी।जाते-जाते एक छोटा सा उपाय:अगर आपका मन अशांत रहता है या आप किसी डर से परेशान हैं, तो इस पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में बैठकर 5 मिनट ध्यान करें या ‘चंद्र गायत्री मंत्र’ का जाप करें। आपको गज़ब की शांति मिलेगी।तो तैयार हो जाइए इस मार्गशीर्ष पूर्णिमा को खास बनाने के लिए। भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी आप पर कृपा बरसाएं
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