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MP Board रुक जाना नहीं रिजल्ट घोषित आधे से ज्यादा छात्र फेल जानें अपना स्कोर और आगे क्या है विकल्प

News India Live, Digital Desk : मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MPSOS) ने दिसंबर 2025 सत्र के लिए ‘रुक जाना नहीं’ (RJN), ‘आ लौट चलें’ (ALC) और ओपन स्कूल की 10वीं व 12वीं परीक्षाओं का रिजल्ट 12 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस बार के नतीजे थोड़े चौंकाने वाले रहे हैं, क्योंकि परीक्षा देने वाले लगभग आधे छात्र पास नहीं हो पाए हैं।1. रिजल्ट के मुख्य आंकड़े: सफलता का प्रतिशत गिराबोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल का कुल परिणाम मिला-जुला रहा है:कुल पास प्रतिशत: कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं का मिलाकर कुल परिणाम 51.58% रहा है।10वीं का प्रदर्शन: हाई स्कूल (कक्षा 10) में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 52.71% रहा।12वीं का प्रदर्शन: हायर सेकेंडरी (कक्षा 12) में सफलता का ग्राफ थोड़ा बेहतर रहा, जहाँ 55.45% छात्र पास हुए।छात्रों की संख्या: इस परीक्षा में प्रदेश भर से लगभग 5 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था।2. ‘रुक जाना नहीं’ रिजल्ट कैसे चेक करें?छात्र अपना रिजल्ट नीचे दिए गए आसान स्टेप्स का पालन करके देख सकते हैं:सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर जाएं।होमपेज पर “Result-December-2025” लिंक पर क्लिक करें।अपनी योजना (Ruk Jana Nahi / Open School / ALC) का चयन करें।अपनी कक्षा (10th या 12th) चुनें और रोल नंबर (Roll Number) दर्ज करें।’Login’ बटन पर क्लिक करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी।3. जो छात्र फेल हो गए, उनके लिए क्या है विकल्प?रिजल्ट में असफल होने वाले छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने उनके लिए निम्नलिखित विकल्प दिए हैं:पूर्ण क्रेडिट योजना: जो विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे हैं, वे ओपन स्कूल की पूर्ण क्रेडिट योजना के तहत अधिकतम 3 विषयों के लिए पुनः ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।अगला अवसर: ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत छात्रों को साल में दो बार (जून और दिसंबर) परीक्षा देने का मौका मिलता है। छात्र जून 2026 की परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं।4. मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेटपास होने वाले छात्र अपनी ऑनलाइन मार्कशीट को प्रोविजनल तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। ओरिजिनल मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट (Migration Certificate) उनके संबंधित समन्वय केंद्रों या स्कूलों से प्राप्त किए जा सकेंगे। आगे की पढ़ाई या कॉलेज एडमिशन के लिए यह दस्तावेज अनिवार्य होंगे।