
सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd) के निवेशकों के लिए आज का दिन निराशाजनक रहा। सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए जैसे ही ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो खोली गई, बाजार में इसके शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही कोचीन शिपयार्ड का स्टॉक 4% से अधिक टूट गया, जिससे शेयरधारकों में हड़कंप मच गया है।
आखिर क्यों आई कोचीन शिपयार्ड के शेयर में यह गिरावट?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब भी कोई कंपनी या सरकार डिस्काउंटेड प्राइस पर OFS लाती है, तो शॉर्ट-टर्म में शेयरों पर दबाव बनना स्वाभाविक है। सरकार इस OFS के जरिए अपनी कुछ फीसदी हिस्सेदारी कम कर रही है, जिसका फ्लोर प्राइस मौजूदा मार्केट प्राइस से कम रखा गया है। इसी वजह से रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स ने बाजार में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर नीचे आ गया।
केरल और कोच्चि समेत देश भर के डिफेंस सेक्टर पर असर
कोचीन शिपयार्ड भारत के रक्षा और शिपिंग सेक्टर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कोच्चि (केरल) में स्थित है। इस भौगोलिक और रणनीतिक महत्व के कारण स्थानीय निवेशकों के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाले वैश्विक फंड्स की नजरें भी इस स्टॉक पर टिकी हुई हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि शिपयार्ड के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जिससे लंबी अवधि में यह स्टॉक दोबारा रिकवर कर सकता है।
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