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Pakistan Politics: कभी संसद चलाने वाला अब अमेरिका में चला रहा है टैक्सी, पूर्व डिप्टी स्पीकर का छलका दर्द ईमानदारी की मिली सजा’

News India Live, Digital Desk : राजनीति में वक्त का पहिया कब घूम जाए, कोई नहीं जानता। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद) की कार्यवाही का संचालन करने वाले पूर्व डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी (Qasim Khan Suri) की एक तस्वीर और खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। पाकिस्तान की सत्ता के शिखर पर रहने वाले सूरी आज अमेरिका की सड़कों पर टैक्सी (Uber/Lyft) चलाने को मजबूर हैं। उनकी इस स्थिति ने पाकिस्तानी राजनीति और वहां के नेताओं के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।सत्ता के गलियारे से अमेरिका की सड़कों तक का सफरइमरान खान के बेहद करीबी माने जाने वाले कासिम खान सूरी उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने 2022 में प्रधानमंत्री के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। उस वक्त वह पाकिस्तान के सबसे ताकतवर पदों में से एक पर बैठे थे। लेकिन आज वही कासिम सूरी अमेरिका में अपना गुजारा करने के लिए टैक्सी चला रहे हैं। उनकी वायरल तस्वीरों ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति की चकाचौंध के पीछे का अंधेरा कितना गहरा हो सकता है।कासिम सूरी का बड़ा दावा: ‘ईमानदारी की मिली सजा’जब उनसे उनकी इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में जवाब दिया। सूरी ने कहा, “मैंने कभी देश का पैसा नहीं लूटा और न ही भ्रष्टाचार किया। जो लोग आज पाकिस्तान को लूटकर विदेशों में महलों में रह रहे हैं, वे ऐश कर रहे हैं। लेकिन मुझ जैसे ईमानदार आदमी को अपनी रोजी-रोटी के लिए मेहनत करनी पड़ रही है।” उन्होंने इसे अपनी मजबूरी नहीं, बल्कि अपनी ईमानदारी का पदक बताया।पाकिस्तान में दर्ज हैं कई मामले, इसलिए छोड़ा देश?बता दें कि इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) के सत्ता से बाहर होने के बाद कासिम सूरी समेत कई बड़े नेताओं पर कानूनी शिकंजा कसा गया था। 9 मई की हिंसा और संवैधानिक उल्लंघन के आरोपों के बाद सूरी को भी कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स की मानें तो गिरफ्तारी और राजनीतिक उत्पीड़न से बचने के लिए उन्होंने अमेरिका में शरण ली, जहाँ अब वे एक सामान्य प्रवासी की तरह जीवन यापन कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: ‘हीरो या भगोड़ा?’सूरी की टैक्सी चलाते हुए तस्वीरें वायरल होने के बाद पाकिस्तानी आवाम दो गुटों में बंट गई है। इमरान खान के समर्थक उन्हें ‘ईमानदारी की मिसाल’ बता रहे हैं, जो भ्रष्टाचार करने के बजाय मेहनत की कमाई को तरजीह दे रहा है। वहीं, विरोधियों का कहना है कि यह केवल सहानुभूति बटोरने का एक तरीका है और उन्हें पाकिस्तान लौटकर अदालत का सामना करना चाहिए।संवैधानिक संकट के सूत्रधार थे सूरीकासिम सूरी का नाम इतिहास में उस विवादास्पद फैसले के लिए हमेशा याद रखा जाएगा, जिसमें उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को विदेशी साजिश बताकर खारिज कर दिया था। बाद में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस फैसले को असंवैधानिक करार दिया था। आज वही शख्स गुमनामी की जिंदगी जी रहा है।