
आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार देश के सभी पैन कार्डधारकों के लिए अपने पैन को आधार से जोड़ना अनिवार्य है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद जिन करदाताओं ने दोनों दस्तावेजों को आपस में लिंक नहीं कराया है, उनके पैन कार्ड 'निष्क्रिय' (Inoperative) घोषित कर दिए गए हैं। पैन के इनऑपरेटिव होने पर न केवल आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने और टैक्स रिफंड पाने में रुकावट आती है, बल्कि बैंकों में नया खाता खोलने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने और टीडीएस (TDS) कटौती की दरों में भी नुकसान उठाना पड़ता है। यदि आपका पैन भी अभी तक आधार से लिंक नहीं हुआ है या निष्क्रिय हो चुका है, तो आप इनकम टैक्स के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ₹1,000 की निर्धारित लेट फीस भरकर इसे दोबारा सक्रिय (Operative) करा सकते हैं।
पैन-आधार लिंकिंग के लिए कितनी है फीस (Challan Fee)
शुरुआती समय में सरकार द्वारा यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब विलंब शुल्क के रूप में ₹1,000 की लेट फीस का भुगतान अनिवार्य है।
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यह भुगतान ई-फाइलिंग पोर्टल पर 'e-Pay Tax' सुविधा के जरिए एक सिंगल चालान के रूप में किया जाता है।
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चालान जनरेट करते समय माइनर हेड '500 (Other Receipts)' और संबंधित असेसमेंट ईयर का चयन करना होता है।
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फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, आरटीजीएस/नेफ्ट या यूपीआई (UPI) के माध्यम से किया जा सकता है।
2 मिनट में ऐसे चेक करें PAN-Aadhaar लिंक स्टेटस
पैन और आधार को लिंक करने का अनुरोध दर्ज करने या फीस भरने से पहले यह जांचना जरूरी है कि दोनों दस्तावेज पहले से लिंक हैं या नहीं:
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सबसे पहले इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं।
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होमपेज पर बाईं ओर दिए गए 'Quick Links' सेक्शन में 'Link Aadhaar Status' विकल्प पर क्लिक करें।
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अब निर्धारित बॉक्स में अपना PAN नंबर और आधार नंबर दर्ज करें।
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इसके बाद नीचे दिए गए 'View Link Aadhaar Status' बटन पर क्लिक करें।
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यदि स्क्रीन पर "Your PAN is already linked to given Aadhaar" लिखा आता है, तो आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। यदि "PAN not linked with Aadhaar" दिखाई दे, तो आपको आगे की लिंकिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पैन-आधार ऑनलाइन लिंक करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
यदि स्टेटस में दोनों दस्तावेज लिंक नहीं दिख रहे हैं, तो दो चरणों में प्रक्रिया पूरी करें:
चरण 1: ₹1,000 चालान फीस का भुगतान
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ई-फाइलिंग पोर्टल के क्विक लिंक्स सेक्शन में जाकर 'e-Pay Tax' पर क्लिक करें।
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अपना पैन नंबर दर्ज करें, दोबारा पुष्टि के लिए फिर से पैन डालें और मोबाइल नंबर लिखकर ओटीपी प्राप्त करें।
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ओटीपी सत्यापित होने के बाद 'Income Tax' टाइल पर 'Proceed' चुनें।
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चालू निर्धारण वर्ष (Assessment Year) का चयन करें और 'Type of Payment (Minor Head)' में 'Fee for delay in linking PAN with Aadhaar' (या Other Receipts 500) का चयन करें।
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₹1,000 की राशि स्वतः प्रदर्शित होगी; अपनी सुविधानुसार भुगतान माध्यम (UPI/Net Banking/Card) चुनकर भुगतान पूरा करें और चालान रसीद डाउनलोड कर लें।
चरण 2: लिंकिंग अनुरोध सबमिट करना
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फीस का भुगतान सफल होने के कुछ समय बाद (या चालान अपडेट होने पर) पोर्टल के मुख्य पेज पर 'Link Aadhaar' विकल्प पर क्लिक करें।
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अपना पैन नंबर और आधार नंबर दर्ज करके 'Validate' पर क्लिक करें।
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स्क्रीन पर आपके द्वारा चुकाए गए चालान का विवरण (BSR Code, Challan Number आदि) दिखाई देगा; 'Continue' पर क्लिक करें।
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अब आधार कार्ड के अनुसार अपना पूरा नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
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यदि आधार कार्ड पर केवल जन्म का वर्ष दर्ज है, तो संबंधित बॉक्स को टिक करें और 'I agree to validate my Aadhaar details' को चेक करें।
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'Link Aadhaar' पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए 6 अंकों के ओटीपी को दर्ज कर सबमिट करें। आपका अनुरोध सत्यापन के लिए भेज दिया जाएगा।
नाम या जन्मतिथि में मिसमैच होने पर क्या करें?
कई बार पैन कार्ड और आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग, पिता के नाम या जन्मतिथि में अंतर होने के कारण लिंकिंग रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाती है। ऐसी स्थिति में:
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सबसे पहले यह तय करें कि किस दस्तावेज में जानकारी गलत है।
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यदि पैन कार्ड में गलती है, तो NSDL (Protean) या UTIITSL पोर्टल के जरिए पैन सुधार फॉर्म भरें।
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यदि आधार कार्ड में विवरण गलत है, तो UIDAI के MyAadhaar पोर्टल या नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर जनसांख्यिकी विवरण (Demographic Details) सही कराएं।
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दोनों दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और लिंग पूरी तरह एक समान होने के बाद ही दोबारा लिंकिंग प्रक्रिया पूरी करें।
किन लोगों को पैन-आधार लिंकिंग से मिली है छूट?
आयकर कानून की धारा 139AA के तहत कुछ विशेष श्रेणियों के नागरिकों को पैन-आधार लिंक कराने की अनिवार्यता से छूट दी गई है:
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असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय राज्य के निवासी।
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अनिवासी भारतीय (Non-Resident Indians – NRIs)।
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वे व्यक्ति जो भारत के नागरिक नहीं हैं।
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80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक (Super Senior Citizens)।
चालान भुगतान और लिंकिंग रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद यूआईडीएआई (UIDAI) द्वारा सत्यापन किया जाता है और आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर पैन पुनः एक्टिव हो जाता है।
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