
पतंजलि के गाय के देसी घी और आयुर्वेदिक दवाओं की शुद्धता को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चल रही बहसों के बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। हरिद्वार में आयोजित एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा रामदेव ने दो-टूक शब्दों में कहा कि न तो पतंजलि का गाय का घी नकली है और न ही पतंजलि की कोई दवा नकली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से स्वदेशी अभियान, आयुर्वेद और भारतीय सनातन चिकित्सा पद्धति को बदनाम करने के लिए एक बड़ा बहुराष्ट्रीय सिंडिकेट सक्रिय है।
योगगुरु ने कहा कि देश में 99 फीसदी लोग केवल सुनी-सुनाई बातों और बिना किसी वैज्ञानिक जांच के सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो बनाकर अफवाहें फैलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामी रामदेव के जीवन में कुछ भी नकली नहीं है और पतंजलि के किसी भी उत्पाद पर आज तक किसी वैधानिक संस्था द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
₹700 Per Litre Ghee Economics: कैसे संभव है इस दाम पर शुद्ध गाय का घी?
आलोचकों द्वारा बार-बार उठाए जा रहे इस सवाल पर कि जब दूध ₹60-70 प्रति लीटर बिक रहा है, तो पतंजलि ₹700 प्रति लीटर के आसपास शुद्ध गाय का घी कैसे उपलब्ध करा रही है, बाबा रामदेव ने इसके पीछे का पूरा डेयरी इकोनॉमिक्स मॉडल सामने रखा:
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बाय-प्रोडक्ट्स से 80% लागत की वसूली: बाबा रामदेव ने बताया कि पतंजलि करोड़ों गायों से दूध एकत्र करती है। जब दूध से मलाई (फैट) निकाली जाती है, तो बचे हुए टोंड/लो-फैट दूध को सीधे तरल दूध के रूप में बेचा जाता है या उससे स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), पनीर, दही और छाछ तैयार किए जाते हैं।
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दूध के 5 मुख्य उत्पाद: डेयरी उद्योग के नियम के तहत दूध से 5 तरह के बाय-प्रोडक्ट्स तैयार होते हैं, जिनसे मूल दूध की लगभग 80 फीसदी लागत पहले ही निकल जाती है।
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शून्य मिलावट की गारंटी: उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बाजार से पतंजलि का घी खरीदे और देश-विदेश की किसी भी एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त लैब में इसकी जांच करवा ले। पतंजलि के घी में न तो कोई रिफाइंड पाम ऑयल मिला है और न ही किसी प्रकार की पशु चर्बी (Animal Fat)।
MNCs and Double Standards: विदेशी कंपनियों पर क्यों साधी जाती है चुप्पी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा रामदेव ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी ब्रांड्स के दोहरे चरित्र पर कड़ा प्रहार किया:
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उन्होंने सवाल उठाया कि अमूल, मदर डेयरी या दक्षिण भारत की नंदिनी जैसी सहकारी संस्थाओं पर कोई सवाल नहीं उठाता। कोका-कोला, नेस्ले और अन्य विदेशी कंपनियों के प्रोसेस्ड फूड्स पर कभी अभियान नहीं चलाए जाते, लेकिन जैसे ही कोई स्वदेशी संस्था भारतीय किसानों और चरवाहों के दम पर खड़ी होती है, तो उसके पीछे पूरी लॉबी पड़ जाती है।
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उन्होंने कहा कि विदेशी कॉरपोरेट ताकतों को यह हजम नहीं हो रहा कि एक संन्यासी ने अपनी मेहनत से उनके एकाधिकार (Monopoly) को ध्वस्त कर दिया है।
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योगगुरु ने दोहराया कि उनके या आचार्य बालकृष्ण के निजी नाम पर न तो एक रुपये की संपत्ति है और न ही कोई व्यक्तिगत जमीन; जो कुछ भी है, वह ट्रस्ट और देश की जनता की सेवा के लिए समर्पित है।
Surgery Rumours Rebutted: विदेश में ऑपरेशन की अफवाहों पर दिखाया सच
सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य और कथित रूप से विदेश में जाकर मॉडर्न सर्जरी कराने के दावों को बाबा रामदेव ने हास्यास्पद करार दिया।
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योगगुरु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबके सामने अपना अंगोछा हटाकर दिखाया और कहा कि उनका शरीर पूरी तरह प्राकृतिक योग, प्राणायाम और आयुर्वेदिक दिनचर्या से स्वस्थ है।
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उन्होंने कहा, "कोई भी देख सकता है कि मेरे शरीर पर कहां कोई टांका या कट लगा है? जो लोग झूठ फैला रहे हैं कि बाबा रामदेव ने चोरी-छिपे सर्जरी कराई है, वे आंखें खोलकर देख लें। हम जैसे आज पूर्ण स्वस्थ और ऊर्जावान हैं, अगले कई दशकों तक ऐसे ही रहेंगे।"
Brij Bhushan Sharan Singh Controversy: गलतफहमियां हुईं दूर
पूर्व भाजपा सांसद और कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा हाल ही में पतंजलि के उत्पादों और गुणवत्ता पर की गई टिप्पणियों के संदर्भ में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने पूरे मामले को शांत करने का प्रयास किया:
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उन्होंने कहा कि बृजभूषण जी ने जो कुछ भी कहा था, वह केवल दूसरों द्वारा फैलाई गई सुनी-सुनाई बातों के आधार पर था।
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योगगुरु ने स्पष्ट किया कि उनकी बृजभूषण शरण सिंह से बातचीत हो चुकी है और सौहार्दपूर्ण वातावरण में उनके मन के सभी भ्रम और संशय पूरी तरह दूर हो चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि संन्यासी किसी से बैर या विवाद नहीं रखते और उनका एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों को मिलावट-मुक्त खानपान और सस्ती आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध कराना है।
बाबा रामदेव ने साफ किया कि षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ विधिक और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी आंदोलन को बदनाम करने की किसी भी दुर्भावनापूर्ण कोशिश को नाकाम किया जा सके।
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