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नई दिल्ली: देश की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में उजियारा लाने और उन्हें रसोई के धुएं से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए केंद्र सरकार की Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) अपने दूसरे चरण में और भी प्रभावी होकर उभरी है। ‘उज्ज्वला योजना 2.0’ के तहत सरकार ने अब उन परिवारों तक भी अपनी पहुंच बढ़ा दी है, जो पहले चरण में छूट गए थे। इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन और चूल्हा देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया जा रहा है।इन श्रेणियों की महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभउज्ज्वला योजना 2.0 का मुख्य फोकस उन महिलाओं पर है जो आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई हैं और आज भी पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। योजना का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों को दिया जा रहा है:बीपीएल (BPL) परिवार: गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाएं।अन्त्योदय अन्न योजना (AAY): अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार।वंचित वर्ग: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवार।आवास योजना लाभार्थी: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ पाने वाले लोग।विशेष क्षेत्र: नदी द्वीपों, वनवासियों और दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले परिवार।फ्री गैस कनेक्शन के साथ मिलेंगी ये सुविधाएंउज्ज्वला 2.0 की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थियों पर शुरुआती निवेश का कोई बोझ नहीं डाला जाता। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ये सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं:मुफ्त एलपीजी कनेक्शन: नया गैस कनेक्शन लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।फ्री गैस चूल्हा: लाभार्थियों को भोजन पकाने के लिए एक गैस स्टोव भी प्रदान किया जाता है।पहला सिलेंडर: कई मामलों में लाभार्थियों को पहला रिफिल सिलेंडर भी मुफ्त मिलता है।किस्त सुविधा: भविष्य में रिफिल कराने के लिए बैंक आसान EMI की सुविधा भी प्रदान करते हैं।आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूदसरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकें।ऑफलाइन आवेदन: आप अपने नजदीकी किसी भी कंपनी (HP, Indane, या Bharat Gas) की गैस एजेंसी पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं।जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए आपको अपनी पहचान और पते का प्रमाण (जैसे राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो) जमा करना होगा।स्वच्छ ईंधन, बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्यइस योजना का दूरगामी लक्ष्य केवल सिलेंडर बांटना नहीं, बल्कि महिलाओं को लकड़ी और कोयले के धुएं से होने वाले फेफड़ों के रोगों से बचाना है। धुआं-मुक्त रसोई न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाती है, बल्कि इससे खाना बनाने के समय की भी बचत होती है, जिसका उपयोग वे अन्य उत्पादक कार्यों में कर सकती हैं। साथ ही, पारंपरिक ईंधन के कम इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
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