
शेयर बाजार में त्योहारी अवकाश के दिन सरकारी रेलवे नवरत्न कंपनियों के निवेशकों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले प्रमुख टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पीएसयू 'रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (RailTel Corporation of India Ltd) की झोली में एक और बड़ा वर्क ऑर्डर आ गिरा है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, रेलटेल को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HARTRON) की ओर से लगभग ₹47.40 करोड़ (टैक्स सहित) का नया नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ है। लगातार नए सरकारी प्रोजेक्ट्स हासिल करने के चलते पिछले महज एक सप्ताह के भीतर कंपनी की ऑर्डरबुक में लगभग ₹293 करोड़ का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, शेयर बाजार में हालिया कंसोलिडेशन के चलते यह रेलवे पीएसयू शेयर अपने 52-वीक हाई लेवल से काफी सुधारात्मक और आकर्षक डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
रेलटेल को मिला यह नया अनुबंध एक 'रेट कॉन्ट्रैक्ट' के रूप में मिला है, जिसके तहत कंपनी हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैले राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के लिए स्ट्रक्चर्ड लैन (LAN) सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का कार्य संभालेगी। इस परियोजना को पूरा करने की अंतिम समय सीमा 18 अप्रैल 2028 तक निर्धारित की गई है। प्रशासनिक विभागों की आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर इसके परचेज ऑर्डर जारी किए जाएंगे, जिससे रेलटेल को अगले दो वर्षों तक निरंतर राजस्व प्रवाह हासिल करने में मदद मिलेगी।
हफ्ते भर में ₹293 करोड़ के ऑर्डर्स से लबालब हुई ऑर्डरबुक
रेलटेल के लिए अक्टूबर का यह तीसरा हफ्ता ऑर्डर इनफ्लो के लिहाज से बेहद शानदार साबित हुआ है। केवल आज का ₹47.40 करोड़ का ऑर्डर ही नहीं, बल्कि इससे पहले कंपनी को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB सिकंदराबाद) से ₹167.52 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट मिला था, जिसके तहत भर्ती प्रबंधन और परीक्षा संचालन से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जानी हैं। इसके अतिरिक्त हेल्थ इंश्योरेंस टीपीए ऑफ इंडिया से लगभग ₹19 करोड़ और अन्य सरकारी उपक्रमों से डिजिटल कनेक्टिविटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कांट्रैक्ट्स मिले हैं।
इन सभी हालिया वर्क ऑर्डर्स को जोड़ दिया जाए, तो पिछले सात दिनों में कंपनी के खाते में लगभग ₹293 करोड़ से अधिक के नए प्रोजेक्ट्स जुड़ चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि रेलवे के आधुनिकीकरण, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन (कवच प्रोजेक्ट), और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा डिजिटल गवर्नेंस पर किए जा रहे पूंजीगत व्यय (Capex) का सीधा फायदा रेलटेल के मजबूत फाइबर नेटवर्क को मिल रहा है। कंपनी की कुल ऑर्डरबुक अब ₹5,000 करोड़ के पार पहुंच चुकी है, जो आने वाले तिमाहियों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है।
52-सप्ताह के उच्च स्तर से सस्ता मिल रहा है शेयर
रेलवे शेयरों में पिछले कुछ महीनों से चल रहे प्रॉफिट बुकिंग और बाजार के दबाव के चलते रेलटेल का शेयर अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड हाई से उल्लेखनीय रूप से करेक्ट हो चुका है। जहां यह शेयर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर काफी ऊंचे पीई (PE) वैल्यूएशन पर पहुंच गया था, वहीं अब इसमें 25 से 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिल चुकी है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब कोई कंपनी फंडामेंटली मजबूत हो, शून्य कर्ज (Debt-Free) वाली बैलेंस शीट रखती हो और उसे लगातार केंद्र व राज्य सरकारों से बड़े वर्क ऑर्डर्स मिल रहे हों, तो हाई लेवल से शेयर का सस्ता होना लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए रिस्क-रिवॉर्ड को बेहतर बनाता है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दोनों ही पीएसयू स्पेस में काफी प्रभावशाली बने हुए हैं।
टेलीकॉम और आईटी सेक्टर में सरकारी भरोसे का प्रतीक
रेलटेल पूरे भारत में फैले रेलवे ट्रैक्स के साथ-साथ बिछे 61,000 से अधिक रूट किलोमीटर के एक्सक्लूसिव ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क का संचालन करती है। यह नेटवर्क देश के कोने-कोने में स्थित हजारों रेलवे स्टेशनों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और वाई-फाई कनेक्टिविटी से जोड़ता है। इसके अलावा कंपनी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर (IP-1), डेटा सेंटर सर्विसेज, क्लाउड होस्टिंग और वीडियो सर्विलांस सिस्टम्स (VSS) जैसी उच्च मार्जिन वाली सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी विभागों द्वारा नेटवर्क विस्तार के लिए रेलटेल को प्राथमिकता दी जाती है। रक्षा क्षेत्र, बैंकिंग और अब राज्य सरकारों के इलेक्ट्रॉनिक्स निगमों से मिल रहे लगातार प्रोजेक्ट्स यह दर्शाते हैं कि कंपनी केवल पारंपरिक रेलवे ऑपरेशंस पर निर्भर न रहकर एक व्यापक एंटरप्राइज टेक सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी है।
निवेशकों के लिए क्या है आगे का आउटलुक?
दशहरा के बाद जब कल बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सामान्य कारोबार के लिए खुलेंगे, तो बाजार के विश्लेषक रेलटेल के शेयर पर निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अल्पकालिक ट्रेडर्स को बाजार के व्यापक रुख और आगामी दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
दीर्घावधि के नजरिए से देखें तो भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण बजट, हाई-स्पीड वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार, और स्टेशन रिडेवलपमेंट जैसे वृहद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स रेलटेल के लिए ग्रोथ के बड़े उत्प्रेरक साबित होंगे। सस्ते वैल्यूएशन और मजबूत ऑर्डरबुक का यह संयोजन इस नवरत्न शेयर को लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए एक रडार स्टॉक बनाए रखता है।
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