
News India Live, Digital Desk : भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) की क्रिकेट टीम ने वह कारनामा कर दिखाया है, जिसका इंतजार पिछले सात दशकों से किया जा रहा था। कल्याणी में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दो बार की चैंपियन बंगाल (Bengal) को 6 विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है।67 साल का सूखा खत्म, ‘अंडरडॉग’ से ‘फाइनलिस्ट’ तक का सफर1959-60 में पहली बार रणजी ट्रॉफी खेलने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम को दशकों तक ‘परेशान’ करने वाली टीम माना जाता था, लेकिन इस सीजन में उन्होंने दिग्गज टीमों को मात देकर सबको हैरान कर दिया। 67 साल के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका है जब हिमालयी क्षेत्र की कोई टीम भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में पहुँची है।आकिब नबी की घातक गेंदबाजी और अब्दुल समद का प्रहारजम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत के दो बड़े नायक रहे:आकिब नबी (Auqib Nabi): तेज गेंदबाज आकिब नबी ने पूरे मैच में अपनी आग उगलती गेंदों से बंगाल के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया। उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट चटकाए, जिससे बंगाल की दूसरी पारी महज 99 रनों पर सिमट गई।अब्दुल समद (Abdul Samad): सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार खिलाड़ी अब्दुल समद ने पहली पारी में 82 रनों की साहसिक पारी खेली और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 30 रन बनाकर टीम की जीत सुनिश्चित की।मोहम्मद शमी का 8 विकेट वाला स्पैल भी गया बेकारबंगाल की ओर से टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शानदार वापसी की थी। उन्होंने पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट लिए, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हालांकि, बंगाल के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण शमी की यह मेहनत बेकार गई।जीत के बाद जश्न का माहौलजीत के बाद जम्मू-कश्मीर के ड्रेसिंग रूम में जबरदस्त जश्न देखा गया। कप्तान पारस डोगरा और कोच अजय शर्मा के मार्गदर्शन में टीम ने इस सीजन में मुंबई और कर्नाटक जैसी बड़ी टीमों को भी कड़ी टक्कर दी है। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
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