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News India Live, Digital Desk: संजू सैमसन अक्सर अपनी आक्रामक और जोखिम भरी बल्लेबाजी के कारण चर्चा में रहते हैं। कई बार आलोचक उन्हें ‘लापरवाह’ कहते हैं, तो कई उन्हें ‘टीम मैन’ बताते हैं जो विकेट की परवाह किए बिना बड़े शॉट खेलता है। लेकिन संजू ने अब साफ कर दिया है कि उनके खेलने का तरीका किसी रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि उनका स्वभाव है।1. ‘सेल्फलेस’ टैग पर संजू का कड़ा रुखसंजू ने इंटरव्यू में कहा, “लोग अक्सर कहते हैं कि मैं टीम के लिए ‘निस्वार्थ’ होकर खेलता हूँ और अपना विकेट जल्दी गंवा देता हूँ। लेकिन सच यह है कि मैं कभी ‘सेल्फलेस’ नहीं बनना चाहता था। मैं बस वही खेलता हूँ जो मेरी प्रकृति है। अगर मुझे पहली गेंद पर छक्का मारने की जरूरत महसूस होती है, तो मैं मारूंगा। यह निस्वार्थ होना नहीं, यह मेरा नेचुरल गेम है।”2. ‘रिस्क’ और ‘रिवॉर्ड’ का गणितसंजू के अनुसार, क्रिकेट में हर खिलाड़ी का अपना एक रोल होता है।निडर बल्लेबाजी: संजू ने स्पष्ट किया कि वह क्रीज पर जाकर गेंदें बर्बाद करने (Dot Balls) के बजाय बाउंड्री तलाशने में विश्वास रखते हैं।असफलता का डर: उन्होंने कहा कि जब आप जोखिम लेते हैं, तो आप फेल भी होंगे। लेकिन वह उस विफलता (Failure) को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते वह अपने अंदाज में खेल सकें।3. ‘ईमानदारी’ सबसे ऊपरसंजू ने खुलासा किया कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में अब खिलाड़ियों को खुद को अभिव्यक्त (Express) करने की पूरी आजादी है। उन्होंने कहा, “मैं खुद से झूठ नहीं बोल सकता। अगर मैं डिफेंसिव होकर खेलूंगा, तो मैं अपनी आत्मा के प्रति ईमानदार नहीं रहूंगा। कोच और कप्तान जानते हैं कि मैं किस तरह का खिलाड़ी हूँ और उन्होंने मुझे कभी बदलने के लिए नहीं कहा।”4. निरंतरता (Consistency) बनाम इम्पैक्ट (Impact)संजू ने एक बार फिर ‘इम्पैक्ट’ की बहस को छेड़ दिया है। उनका मानना है कि 20 गेंदों में बनाए गए 40 रन, 50 गेंदों में बनाए गए 60 रनों से कहीं ज्यादा कीमती हो सकते हैं, अगर वे मैच का रुख बदल दें। वह ‘औसत’ (Average) सुधारने के बजाय टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलने को प्राथमिकता देते हैं।संजू सैमसन: करियर के आंकड़े (T20I 2026 तक)प्रारूपमैचस्ट्राइक रेटउच्चतम स्कोरT20I45+155.4111IPL175+140.2119
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