Saturday , April 18 2026

Strait of Hormuz: भारत के लिए संजीवनी बनी होर्मुज जलडमरूमध्य की ओपनिंग, तेल और रसोई गैस के दामों में आएगी भारी गिरावट

News India Live, Digital Desk: मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने सामरिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खोलने का ऐलान कर दिया है। ईरान के इस फैसले का सीधा असर भारत की रसोई और आपकी जेब पर पड़ने वाला है। इस रूट के खुलने से न केवल कच्चे तेल की आपूर्ति सुगम होगी, बल्कि रसोई गैस (LPG) के संकट से जूझ रहे भारतीय बाजारों में भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।भारत के लिए क्यों ‘लाइफलाइन’ है यह समुद्री रास्ता?होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 90% से अधिक रसोई गैस (LPG) इसी संकरे समुद्री रास्ते के जरिए मंगवाता है। पिछले कुछ हफ्तों से जारी तनाव के कारण यह रास्ता लगभग बंद था, जिससे भारत आने वाले 20 से ज्यादा जहाज बीच समंदर में फंस गए थे। अब ईरान द्वारा इसे ‘फ्रेंडली नेशन्स’ (मित्र देशों) और सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सुनिश्चित हो गई है।कच्चे तेल की कीमतों में 11% की ऐतिहासिक गिरावटईरान के इस ऐलान के साथ ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड, जो मार्च के अंत में 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गया था, अब गिरकर 90 डॉलर के नीचे आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रास्ता खुला रहता है, तो आने वाले दिनों में भारतीय तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती कर सकती हैं। यह भारत के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी जीत मानी जा रही है।ईरान का ‘फ्रेंडली’ कार्ड और मोदी सरकार की कूटनीतिईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि भारत जैसे ‘मित्र देशों’ के जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है। हालांकि, ईरान ने जहाजों के लिए एक ‘कोऑर्डिनेटेड रूट’ तय किया है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। भारत सरकार ने भी पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान दोनों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता कर इस रास्ते को खुलवाने के लिए दबाव बनाया था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की सक्रियता ने इस संकट को टालने में अहम भूमिका निभाई है।एलपीजी संकट होगा खत्म, महंगाई से मिलेगी राहतभारत में एलपीजी की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। जलडमरूमध्य बंद होने के कारण देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की खबरें आ रही थीं। अब जबकि सप्लाई चेन फिर से बहाल हो गई है, रसोई गैस की किल्लत खत्म हो जाएगी। इससे न केवल आम आदमी को राहत मिलेगी, बल्कि फर्टिलाइजर और अन्य उद्योगों में भी उत्पादन की लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबर मिल सकती है।