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UP Electricity Bill Complaint : अब नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें? स्मार्ट मीटर पर मचे बवाल के बाद उपभोक्ता परिषद ने की बड़ी मांग

News India Live, Digital Desk : UP Electricity Bill Complaint : उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. जब से प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगे हैं, तभी से उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ गई हैं कि उनके बिल पहले से कहीं ज़्यादा आने लगे हैं. अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने एक बड़ा दावा किया है, जिससे बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.उपभोक्ता परिषद ने रिपोर्ट में क्या कहा?राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम होने के बजाय औसतन15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियां यह दावा कर रही थीं कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली चोरी रुकेगी और उपभोक्ताओं को सही बिल मिलेगा, जिससे बिलों में कमी आएगी. लेकिन हकीकत इसके ठीक उलटी निकली है.अवधेश वर्मा ने कहा, “यह बहुत ही गंभीर मामला है. एक तरफ बिजली कंपनियां घाटे का रोना रोकर बिजली की दरें बढ़ाने का दबाव बना रही हैं, वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब काटी जा रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीटरों में तेज भागने की शिकायतें आम हो गई हैं और सुनवाई के बावजूद उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिल रही है.परिषद ने नियामक आयोग से की यह बड़ी मांगइस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन और सदस्यों से मुलाकात कर एक याचिका दाखिल की है. इस याचिका में परिषद ने मांग की है कि:एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया जाए: यह कमेटी पूरे प्रदेश में लगे स्मार्ट मीटर और उनके लगने के बाद बढ़े हुए बिलों की निष्पक्ष जांच करे.जांच पूरी होने तक दरें न बढ़ाई जाएं: जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती और यह साफ नहीं हो जाता कि मीटर सही काम कर रहे हैं या नहीं, तब तक बिजली की दरों में कोई भी बढ़ोत्तरी न की जाए.जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो: अगर जांच में यह पाया जाता है कि मीटरों में गड़बड़ी है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और मीटर बनाने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.परिषद ने चेतावनी दी है कि अगर नियामक आयोग इस मामले पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो वे उपभोक्ताओं के हक के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे. इस मामले ने एक बार फिर स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता और बिजली कंपनियों की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह होगा कि नियामक आयोग इस पर क्या रुख अपनाता है.