
वैश्विक स्तर पर भारत का मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) सेक्टर कितनी तेजी से नई ऊंचाइयां छू रहा है, इसका एक ताजा और दिलचस्प उदाहरण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अमेरिका में अत्यधिक महंगे मेडिकल खर्च और डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट के लिए हफ्तों लंबे इंतजार से परेशान होकर एक अमेरिकी महिला इलाज कराने भारत पहुंची। भारत के एक निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती होने के बाद वहां का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, 5-स्टार होटल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं, आधुनिक मेडिकल तकनीक और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ का अपनत्व भरा व्यवहार देखकर वह इतनी प्रभावित हुई कि उसने वीडियो शेयर कर कहा कि क्या मुझे हमेशा के लिए इसी देश में बस जाना चाहिए?
अमेरिका की महंगी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाम भारतीय मेडिकल केयर
वायरल वीडियो में अमेरिकी महिला ने संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच का सीधा अंतर साझा किया। महिला के अनुसार, अमेरिका में बिना विस्तृत हेल्थ इंश्योरेंस के सामान्य जांच या छोटी सर्जरी का खर्च भी हजारों डॉलर (लाखों रुपये) तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने या एमआरआई/सीटी स्कैन जैसी बुनियादी जांचों के लिए भी मरीजों को महीनों पहले से अपॉइंटमेंट का इंतजार करना पड़ता है। इसके विपरीत, भारत पहुंचते ही उसी दिन विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श दिया गया, कुछ ही घंटों में सभी जरूरी डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरे कर लिए गए और बिना किसी जटिल प्रतीक्षा सूची के तुरंत इलाज और प्रक्रिया शुरू हो गई।
5-स्टार होटल जैसी सुविधाएं और आधुनिक टेक्नोलॉजी
महिला ने भारतीय अस्पताल के प्राइवेट रूम, साफ-सफाई, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और मरीज के परिजनों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की तुलना अंतरराष्ट्रीय लक्जरी होटलों से की। उसने बताया कि कमरे में पौष्टिक कस्टमाइज्ड भोजन, समर्पित नर्सिंग केयर और डॉक्टरों की नियमित निगरानी इतनी सहज और पेशेवर थी कि उसे किसी अस्पताल में होने का तनाव ही महसूस नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह रही कि पूरी यात्रा, फ्लाइट टिकट, भारत में रुकने का खर्च और उच्च स्तरीय इलाज का कुल बजट मिलाकर भी अमेरिका में होने वाले केवल मेडिकल बिल के एक-चौथाई हिस्से से भी कम रहा।
ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनता भारत
यह केवल एक महिला का व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि दुनिया भर से लाखों अंतरराष्ट्रीय मरीज हर साल भारत में कार्डियक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर केयर), ऑर्थोपेडिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और डेंटल ट्रीटमेंट के लिए पहुंच रहे हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों (JCI और NABH) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों का विशाल नेटवर्क मौजूद है, जहां पश्चिमी देशों की तुलना में 70 से 80 प्रतिशत कम लागत में वैश्विक स्तर का इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया 'हील इन इंडिया' (Heal in India) अभियान और आसान 'मेडिकल वीजा' (Medical Visa) नियम विदेशी नागरिकों के लिए भारत आकर इलाज कराना बेहद सुगम बना रहे हैं।
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