
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इन दिनों सिर्फ एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, और वह है महज़ 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi)। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में इस युवा खिलाड़ी ने बल्ले से तबाही मचाते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वापसी करते हुए वैभव ने हरारे के मैदान पर महज 18 गेंदों में तूफानी फिफ्टी जड़कर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह टी20 ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि, इस ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ पारी के बावजूद उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा नहीं गया, जिसके बाद से फैंस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह अवॉर्ड किसे और क्यों मिला?
वैभव सूर्यवंशी का तूफानी 'धमाका', गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
आईपीएल 2026 के शानदार प्रदर्शन और इंडिया ए व अंडर-19 क्रिकेट के अनुभवों को साथ लेकर मैदान पर उतरे वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा का लोहा एक बार फिर मनवा दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के पहले ही मैच में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कहर बरपा दिया। पारी के शुरुआती ओवर में थोड़ा संभलकर खेलने के बाद वैभव ने दूसरे ओवर में आक्रामक रुख अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने महज 19 गेंदों का सामना करते हुए 50 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 4 शानदार चौके और इतने ही गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी इस ताबड़तोड़ पारी की बदौलत भारत ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया, लेकिन इसके बावजूद मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कोई और ही चुना गया।
मयंक यादव बने 'प्लेयर ऑफ द मैच', गेंदबाजी से पलट दिया पूरा मुकाबला
वैभव सूर्यवंशी के ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड और अर्धशतक के बावजूद 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव (Mayank Yadav) की झोली में गया। लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर खौफ पैदा कर दिया था। उन्होंने अपने स्पेल की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट का विकेट चटकाकर मैच की शानदार शुरुआत की। अपने टी20 करियर के महज चौथे मुकाबले में यह दूसरा मौका था जब मयंक ने मैच की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया।
पावरप्ले में मयंक की घातक गेंदबाजी ने तय कर दी थी भारत की जीत
मयंक यादव ने अपने शुरुआती तीन ओवरों में अपनी रफ्तार और सटीकता का ऐसा जाल बुना कि मेजबान टीम उससे कभी उबर ही नहीं पाई। उन्होंने अपने पावरप्ले के कोटे में सिर्फ 10 रन खर्च कर महत्वपूर्ण 2 विकेट झटके। मयंक के इस शुरुआती दबाव के कारण ही जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में मात्र 125 रन ही बना सकी। मयंक की इसी कातिलाना गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान बना दिया था, जिसके बाद वैभव सूर्यवंशी और अन्य बल्लेबाजों ने आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। इसी बेहतरीन और मैच-टर्निंग गेंदबाजी के प्रदर्शन के चलते मयंक यादव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया और वैभव सूर्यवंशी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बावजूद इस अवॉर्ड से चूक गए।
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