Sunday , April 26 2026

White House Correspondents : बार-बार हो रहे हमलों पर भावुक हुए डोनाल्ड ट्रंप, बोले-प्रभावशाली लोगों को ही बनाया जाता है निशाना

News India Live, Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर मौत को मात देकर सुरक्षित हैं। शनिवार रात वाशिंगटन में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान हुए जानलेवा हमले के बाद ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। प्रेस ब्रीफिंग रूम में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने न केवल अपनी सुरक्षा पर बात की, बल्कि उन पर बार-बार होने वाले हमलों के पीछे की वजहों पर भी आत्ममंथन किया। ट्रंप ने बड़े ही दार्शनिक अंदाज में कहा कि इतिहास गवाह है कि जो लोग बदलाव लाते हैं और दुनिया पर प्रभाव डालते हैं, उन्हें हमेशा निशाना बनाया गया है।हमले की आवाज को समझा था ‘ट्रे गिरने’ का शोर घटनाक्रम को याद करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई, तो शुरुआत में उन्हें लगा कि किसी वेटर के हाथ से खाने की ट्रे गिर गई है। उन्होंने कहा, “वहां काफी शोर था, मुझे लगा कि कुछ गिरने की आवाज है। लेकिन जब सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने मुझे घेर लिया और सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने लगे, तब मुझे खतरे का अहसास हुआ।” ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की वीरता की सराहना करते हुए कहा कि एक एजेंट ने अपनी छाती पर गोली खाई, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई।आखिर क्यों ट्रंप को निशाना बना रहे हैं हमलावर? सवालों के जवाब में ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, “जब आप दुनिया को बदलने वाले काम करते हैं और प्रभावशाली (Impactful) होते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से कुछ लोगों के निशाने पर आ जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर वे कुछ न कर रहे होते, तो शायद उन पर कोई हमला नहीं करता, लेकिन वे इस ‘सम्मान’ को स्वीकार करते हैं क्योंकि यह उनके देश के प्रति समर्पण का प्रमाण है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह हमला ईरान के साथ चल रहे तनाव से जुड़ा है, तो ट्रंप ने कहा कि फिलहाल इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं, लेकिन जांच जारी है।कैलिफोर्निया का ‘सनकी’ हमलावर गिरफ्तार एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन को गिरफ्तार किया है, जो कैलिफोर्निया का रहने वाला है। ट्रंप ने हमलावर को ‘बीमार मानसिकता’ वाला व्यक्ति बताया। गौरतलब है कि 2024 के बटलर हमले के बाद से यह तीसरा मौका है जब ट्रंप पर हमला करने की कोशिश की गई है। इस ताजा घटना के बाद अमेरिका में राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस तेज हो गई है और राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।युद्ध की राह पर अडिग रहने का संकल्प हमले से डरे बिना ट्रंप ने साफ किया कि इस तरह की घटनाएं उन्हें उनके लक्ष्यों से पीछे नहीं हटा सकतीं। उन्होंने विशेष रूप से ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ (Operation Epic Fury) का जिक्र करते हुए कहा कि वे अमेरिका की सुरक्षा के लिए कड़े फैसले लेना जारी रखेंगे। ट्रंप ने अंत में कहा, “वे मुझे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं झुकूंगा नहीं। यह लड़ाई मेरे लिए नहीं, बल्कि अमेरिका के भविष्य के लिए है।”