
News India Live, Digital Desk: हर साल 10 अप्रैल को दुनिया भर में ‘वर्ल्ड होम्योपैथी डे’ (World Homoeopathy Day) मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी के संस्थापक डॉक्टर सैमुअल हैनिमैन की जयंती के सम्मान में समर्पित है। होम्योपैथी को इसके किफायती और जड़ से बीमारी खत्म करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। हालांकि, आज भी समाज में इन छोटी मीठी गोलियों को लेकर कई तरह के भ्रम फैले हुए हैं।दिल्ली सरकार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (SAG) और आयुष होम्योपैथिक विंग के निदेशक डॉक्टर अशोक शर्मा ने इन मिथकों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट की है। आइए जानते हैं क्या है हकीकत:मिथक 1: होम्योपैथिक दवाइयों से शुगर लेवल बढ़ जाता हैसच्चाई: अक्सर लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी की गोलियां मीठी होती हैं, इसलिए ये डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह हैं। डॉक्टर अशोक शर्मा के अनुसार, यह पूरी तरह गलत है। इन दवाओं में मिठास की मात्रा बहुत कम होती है और यह शरीर के ब्लड शुगर लेवल पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालती। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।मिथक 2: यह केवल मामूली बीमारियों में असरदार हैसच्चाई: एक आम धारणा है कि होम्योपैथी केवल सर्दी-जुकाम जैसी हल्की बीमारियों के लिए है। लेकिन सच्चाई यह है कि सही उपचार और विशेषज्ञ की सलाह से होम्योपैथी के जरिए कई गंभीर बीमारियों का सफल इलाज संभव है। डॉक्टर ने बताया कि किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) जैसी समस्याओं में भी होम्योपैथी अत्यंत प्रभावी साबित हुई है।मिथक 3: इसका असर होने में बहुत लंबा समय लगता हैसच्चाई: लोगों को लगता है कि होम्योपैथी बहुत धीरे काम करती है। हकीकत यह है कि होम्योपैथी बीमारी के लक्षणों को दबाने के बजाय उसे जड़ से खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करती है। पुरानी (Chronic) बीमारियों में जड़ तक पहुंचने में समय लग सकता है, लेकिन तीव्र (Acute) समस्याओं में यह बहुत तेजी से परिणाम दिखाती है। इसकी इसी खूबी के कारण लोग इसे लंबे समय से पसंद कर रहे हैं।मिथक 4: एलोपैथी और होम्योपैथी दवाएं साथ नहीं ले सकतेसच्चाई: यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि अगर आप एलोपैथी (अंग्रेजी दवा) ले रहे हैं, तो आप होम्योपैथी शुरू नहीं कर सकते। डॉक्टर शर्मा के अनुसार, दोनों तरह की दवाओं का सेवन एक साथ किया जा सकता है। बस यह ध्यान रखना जरूरी है कि दोनों दवाओं को लेने के बीच कम से कम 15-30 मिनट का अंतर हो, ताकि उनके अवशोषण में कोई बाधा न आए।होम्योपैथी के मुख्य फायदेयह अन्य चिकित्सा पद्धतियों के मुकाबले काफी सस्ता और सुलभ इलाज है।यह शरीर के किसी एक अंग का नहीं, बल्कि पूरे शरीर (Holistic approach) का उपचार करता है।इसके साइड इफेक्ट्स न के बराबर होते हैं, जिससे यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित है।
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