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World No Divorce Countries: दुनिया के वो 2 देश जहाँ शादी तो होती है पर नहीं मिलता ‘तलाक’, कानून में ही नहीं है कोई प्रावधान

इंटरनेशनल डेस्क, नई दिल्ली। आधुनिकता के इस दौर में जहाँ पूरी दुनिया में तलाक के कानूनों को सरल बनाया जा रहा है, वहीं साल 2026 में भी विश्व के नक्शे पर दो ऐसे देश मौजूद हैं जहाँ ‘तलाक’ शब्द का कोई कानूनी वजूद नहीं है। इन देशों में शादी का बंधन इतना अटूट माना जाता है कि एक बार ‘आई डू’ (I Do) कहने के बाद पीछे हटने का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाता है। यहाँ के नागरिक आपसी अनबन के बावजूद उम्र भर एक-दूसरे के साथ रहने को मजबूर हैं।फिलीपींस: कानून की किताबों में नहीं है ‘तलाक’ शब्दफिलीपींस दुनिया का इकलौता ऐसा बड़ा राष्ट्र है जहाँ तलाक (Divorce) पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस देश की बहुसंख्यक आबादी कैथोलिक है और यहाँ के संविधान पर ‘कैथोलिक चर्च’ की मान्यताओं का गहरा प्रभाव है। चर्च की स्पष्ट मान्यता है कि विवाह एक पवित्र संस्कार है जिसे केवल मृत्यु ही अलग कर सकती है।तलाक नहीं तो क्या है विकल्प?फिलीपींस में लोग तलाक के विकल्प के तौर पर ‘मैरिज एनलमेंट’ (Marriage Annulment) का सहारा लेते हैं। लेकिन यह प्रक्रिया किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। यह इतनी जटिल, महंगी और लंबी है कि एक आम आदमी के लिए इसे हासिल करना लगभग नामुमकिन है। इसमें पति-पत्नी को यह साबित करना पड़ता है कि शादी के वक्त ही कोई तकनीकी या मानसिक कमी थी, जिससे विवाह कभी वैध था ही नहीं।वेटिकन सिटी: ईश्वरीय विधान के आगे कानून भी नतमस्तकदुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी, जो रोमन कैथोलिक धर्म का केंद्र है, वहां की पूरी शासन व्यवस्था धार्मिक नियमों (Canon Law) पर आधारित है। यहाँ विवाह को इंसान के बीच का करार नहीं, बल्कि ईश्वर के सामने किया गया वादा माना जाता है।क्यों है यहाँ पाबंदी?वेटिकन सिटी में नागरिक कानून की जगह धार्मिक कानून सर्वोपरि हैं। यहाँ के नियमों के अनुसार, जिसे ईश्वर ने जोड़ा है उसे इंसान अलग नहीं कर सकता। यही कारण है कि इस देश में तलाक के लिए कोई अदालत या कानूनी दरवाजा मौजूद ही नहीं है।माल्टा ने बदल दिया अपना इतिहासहैरानी की बात यह है कि साल 2011 तक यूरोप का खूबसूरत देश ‘माल्टा’ भी इसी सूची का हिस्सा था। वहां भी तलाक पर सख्त पाबंदी थी। लेकिन बढ़ते सामाजिक दबाव के बाद साल 2011 में एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह (Referendum) हुआ। जनता की भारी मांग के बाद माल्टा ने अपनी बरसों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए तलाक को कानूनी मान्यता दे दी।धार्मिक मान्यताओं और आधुनिकता का टकरावआज के दौर में भी ये दो देश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं पर अडिग हैं। जहाँ एक तरफ दुनिया व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करती है, वहीं इन देशों में आज भी विवाह को जन्म-जन्मांतर का बंधन माना जाता है। यहाँ के लोग या तो पूरी जिंदगी समझौते में गुजार देते हैं या फिर ‘एनलमेंट’ जैसी थका देने वाली कानूनी लड़ाई लड़ते हैं।