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World War 3 Alert : रूस का अमेरिका को सीक्रेट ऑफर, यूक्रेन की मदद छोड़ो तो ईरान का साथ छोड़ देंगे पुतिन

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध के बीच रूस ने एक ऐसा दांव चला है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ‘स्पेशल डील’ का प्रस्ताव दिया है। रूस का कहना है कि अगर अमेरिका यूक्रेन को खुफिया जानकारी (Intelligence) देना बंद कर दे, तो रूस भी ईरान को दी जाने वाली सामरिक मदद और खुफिया इनपुट रोक देगा। इस सनसनीखेज ऑफर ने यूक्रेन से लेकर ईरान तक के समीकरण बदल दिए हैं।मियामी की गुप्त बैठक में खुला ‘पिटारा’एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट (Politico) के अनुसार, रूस की ओर से यह पेशकश पिछले हफ्ते मियामी में हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान की गई। रूस के ‘डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड’ के प्रमुख और पुतिन के करीबी किरिल दिमित्रेव ने ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर से मुलाकात की थी। इस बैठक में रूस ने ‘क्विड प्रो को’ (Quid Pro Quo) यानी ‘बदले में बदले’ की रणनीति अपनाते हुए यह प्रस्ताव रखा। रूस चाहता है कि अमेरिका यूक्रेन को रूस के खिलाफ सटीक लोकेशन और हमले की जानकारी देना बंद करे, जिसके बदले में रूस ईरान को अमेरिकी संपत्तियों (US Assets) की जानकारी नहीं देगा।ईरान का यूरेनियम रूस ले जाने का प्रस्तावरूस ने केवल खुफिया जानकारी तक ही सीमित रहने का प्रस्ताव नहीं दिया है। खबर है कि पुतिन ने ट्रंप को एक और विकल्प दिया था—ईरान के पास मौजूद ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ (Enriched Uranium) को रूस स्थानांतरित कर दिया जाए। चूंकि इस पूरे युद्ध की एक बड़ी जड़ ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, इसलिए रूस ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को भी यह कहते हुए ठुकरा दिया कि अमेरिका को पहले यूरेनियम की सुरक्षा और ईरान की मंशा पर ठोस भरोसे की जरूरत है।ट्रंप का ‘नो डील’ रुख और यूरोप की चिंताभले ही रूस ने हाथ आगे बढ़ाया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल इन प्रस्तावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि रूस इस बहाने यूक्रेन को कमजोर करना चाहता है। वहीं, यूरोपीय देश रूस के इस कदम से काफी डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि पुतिन इस तरह की डील्स के जरिए नाटो (NATO) सहयोगियों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यूरोपीय राजनयिकों ने इस रूसी ऑफर को ‘अपमानजनक’ करार दिया है।यूक्रेन युद्ध और ईरान संकट का गहरा कनेक्शनपिछले चार साल से चल रहा यूक्रेन युद्ध और हालिया ईरान संघर्ष अब एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। रूस जहां यूक्रेन में फंसा हुआ है, वहीं वह ईरान को ड्रोन और मिसाइल तकनीक के बदले समर्थन दे रहा है। रूस जानता है कि अगर वह ईरान के मोर्चे पर अमेरिका को राहत देता है, तो वह बदले में यूक्रेन में अपनी मनचाही शर्तें मनवा सकता है। फिलहाल, ‘स्ट्रैटेजिक हेजिंग’ की इस लड़ाई में गेंद अब अमेरिका के पाले में है।