
भारतीय शेयर बाजार की दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) और तंबाकू निर्माता कंपनी आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd) ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने अपने योग्य कर्मियों के लिए एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत लाखों नए इक्विटी शेयरों का आवंटन किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) के नियामकीय नियमों के अनुसार दी गई आधिकारिक सूचना में कंपनी ने स्पष्ट किया कि 17 सितंबर को बोर्ड की नामित कमेटी की बैठक में 7,35,050 साधारण शेयर जारी करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। कॉरपोरेट जगत में अपने कर्मचारियों को कंपनी के मुनाफे और विकास में सीधा हिस्सेदार बनाने की यह परंपरा एक बेहद सकारात्मक कदम मानी जाती है, जिससे कंपनी के प्रति कर्मचारियों की निष्ठा और कार्यकुशलता में सीधा इजाफा होता है।
एक्सचेंज फाइलिंग में हुआ बड़ा खुलासा: जानिए अलॉटमेंट से जुड़ी हर तकनीकी बात
गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सौंपी गई आधिकारिक फाइलिंग में आईटीसी ने इस प्रक्रिया का पूरा विवरण साझा किया। कंपनी ने जानकारी दी कि सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के तहत यह आवंटन सुनिश्चित हुआ है। इस प्रक्रिया में ऑप्शन-होल्डर्स द्वारा कुल 73,505 ऑप्शंस का इस्तेमाल (Exercise) किया गया, जिसके एवज में ₹1 अंकित मूल्य (Face Value) वाले 7,35,050 साधारण शेयर कर्मियों के खातों में क्रेडिट करने की प्रक्रिया पूरी की गई। शेयर आवंटन समिति की यह विशेष बैठक सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर संपन्न हुई, जिसके तुरंत बाद ही कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव की सूचना सार्वजनिक मंचों पर दर्ज करा दी गई।
शेयर कैपिटल में बड़ा बदलाव: 1253 करोड़ के पार पहुंची आईटीसी की पूंजी
इस नए शेयर आवंटन के बाद एफएमसीजी दिग्गज की कुल इक्विटी संरचना में भी वृद्धि दर्ज की गई है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 17 सितंबर से आईटीसी लिमिटेड की कुल जारी और सब्सक्राइब की गई शेयर कैपिटल बढ़कर ₹1253,05,17,081 (बारह सौ तिरपन करोड़ पांच लाख सत्रह हजार इक्यासी रुपये) हो गई है। यह पूरी पूंजी अब ₹1 प्रति शेयर के फेस वैल्यू वाले 1253,05,17,081 साधारण शेयरों में विभाजित है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ईएसओपी आवंटन से शेयरों की कुल संख्या में मामूली वृद्धि जरूर होती है, लेकिन कंपनी के मजबूत फंडामेंटल और नकदी प्रवाह के चलते इस प्रकार के आवंटन से मौजूदा निवेशकों की शेयर होल्डिंग पर कोई नकारात्मक दबाव नहीं पड़ता है।
सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आया ईएसओपी का फैसला
यह शेयर आवंटन ऐसे समय पर हुआ है जब कंपनी ने ठीक एक दिन पहले अपने प्रमुख सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में इजाफा करने की घोषणा की थी। आईटीसी के कुल राजस्व और परिचालन लाभ (Operating Profit) में सिगरेट और तंबाकू कारोबार का एक बड़ा हिस्सा रहता है। इनपुट लागत में बढ़ोतरी और उत्पाद शुल्क के समायोजन के चलते कीमतों में यह संशोधन किया गया था। बाजार पंडितों का मानना है कि मूल्य वृद्धि से मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जिसका असर आगामी तिमाहियों के वित्तीय नतीजों में साफ दिखाई देगा। कीमतें बढ़ाने के तत्काल बाद कर्मचारियों को शेयरों का उपहार मिलना कंपनी के आंतरिक आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।
एक साल में 35% से ज्यादा लुढ़का स्टॉक: निवेशकों की क्यों बढ़ी चिंता?
कर्मचारियों को मिले इस तोहफे के बीच आईटीसी के आम निवेशकों के लिए बीता एक साल बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। लंबे समय तक निवेशकों का पसंदीदा 'डिफेंसिव स्टॉक' माना जाने वाला आईटीसी पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 35 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। सरल शब्दों में समझें तो यदि किसी निवेशक ने एक साल पहले आईटीसी के शेयरों में ₹100 लगाए थे, तो उसकी पूंजी घटकर अब केवल ₹65 के आसपास रह गई है। केवल चालू वर्ष की बात करें तो स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा की तेज गिरावट देखी जा चुकी है। अक्टूबर 2024 के बाद से ही शेयरों में लगातार मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिसने रिटेल निवेशकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा ली है।
266 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार: क्या खरीदारी का सही समय है?
लगातार बिकवाली के दबाव के बीच गुरुवार के कारोबारी सत्र में थोड़ी राहत देखने को मिली। आईटीसी का शेयर 0.78 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 266.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो भारी गिरावट के बाद यह स्टॉक अब अपने मजबूत सपोर्ट जोन के करीब संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। बाजार के स्वतंत्र जानकारों का कहना है कि एफएमसीजी सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, होटल कारोबार के डिमर्जर से जुड़ी पुनर्गठन प्रक्रिया और वैश्विक मांग में नरमी के कारण स्टॉक में सुस्ती रही है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से आईटीसी का मजबूत कैश फ्लो, एफएमसीजी पोर्टफोलियो का विस्तार, पेपरबोर्ड एवं पैकेजिंग व्यवसाय और आईटी सेक्टर में उपस्थिति इसे लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए एक आकर्षक स्तर पर लाकर खड़ा करती है।
UK News